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AIMIM में बड़ा संगठनात्मक फेरबदल, सैयद अब्दुल हुसैन अनवर बने पार्टी महासचिव, मुश्ताक अहमद को संयुक्त सचिव की जिम्मेदारी

Asaduddin Owaisi: AIMIM ने संगठन में अहम नियुक्तियां की हैं। सैयद अब्दुल हुसैन अनवर को महासचिव, सैयद मुश्ताक अहमद को संयुक्त सचिव और मोहसिन बलाला को कोषाध्यक्ष बनाया गया है।
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भारत

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Anurag Animesh

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Sep 28, 2026

Asaduddin Owaisi

AIMIM चीफ असदुद्दीन ओवैसी (फाइल फोटो-IANS)

AIMIM: ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) ने पार्टी संगठन में कई अहम नियुक्तियों का ऐलान किया है। पार्टी अध्यक्ष और सांसद असदुद्दीन ओवैसी की ओर से जारी अधिकृत आदेश के मुताबिक, सैयद अब्दुल हुसैन अनवर को पार्टी का नया महासचिव नियुक्त किया गया है। यह पद पूर्व महासचिव सैयद अहमद पाशा कादरी के निधन के बाद खाली हुआ था। पार्टी ने सैयद मुश्ताक अहमद को नया संयुक्त सचिव और मोहसिन बलाला को कोषाध्यक्ष नियुक्त किया है। सभी नियुक्तियां तत्काल प्रभाव से लागू होंगी।

अब्दुल हुसैन अनवर बने AIMIM के महासचिव

AIMIM की ओर से 28 सितंबर 2026 को जारी आधिकारिक जानकारी के अनुसार, सैयद अब्दुल हुसैन अनवर को पार्टी का महासचिव बनाया गया है। वह इससे पहले पार्टी में संयुक्त सचिव की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं। हाल ही में AIMIM ने तेलंगाना के एमएलसी मिर्जा रहमत बेग के खिलाफ कार्रवाई की घोषणा भी संयुक्त सचिव एसए हुसैन अनवर के जरिए की थी।

मुश्ताक अहमद और मोहसिन बलाला को भी जिम्मेदारी

पार्टी संगठन में बदलाव के तहत सैयद मुश्ताक अहमद को संयुक्त सचिव और मोहसिन बलाला को कोषाध्यक्ष नियुक्त किया गया है। इसके अलावा, अबू तल्हा अमजद पार्टी संगठन से जुड़े मामलों में समद बिन अब्बाद की सहायता करेंगे।

असदुद्दीन ओवैसी ने दी शुभकामनाएं

पार्टी अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने नवनियुक्त पदाधिकारियों को शुभकामनाएं दी हैं। पार्टी के मुताबिक, उन्होंने उम्मीद जताई कि नए पदाधिकारी अपनी जिम्मेदारियों और समर्पण के जरिए संगठन को और मजबूत करेंगे तथा जनसेवा से जुड़ी पार्टी की गतिविधियों को आगे बढ़ाएंगे।

SIR पर असदुद्दीन ओवैसी ने सरकार को घेरा


स्पेशल इंटेंसिव रिविजन यानी SIR और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर जारी बहस के बीच AIMIM प्रमुख और सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने आयोग के सामने कई सवाल रखे हैं। उन्होंने चुनाव आयुक्तों के बीच कथित असहमति, फॉर्म-6 में अतिरिक्त घोषणा, ECINET, BLO की भूमिका और SIR के दौरान मतदाता सूची से जुड़े मामलों को लेकर सवाल उठाए। ओवैसी ने अपने पुराने बयान का जिक्र करते हुए कहा कि वह संसद में भी SIR को पिछले दरवाजे से NRC लागू करने जैसा बता चुके हैं।

ओवैसी ने सर्वसम्मति के दावे पर उठाया सवाल

असदुद्दीन ओवैसी ने चुनाव आयोग के फैसलों को सर्वसम्मति से लिए जाने के दावे पर सवाल किया। उन्होंने कहा कि अगर दस महीने के दौरान दो चुनाव आयुक्तों ने कम से कम 14 मौकों पर अपनी आपत्ति दर्ज कराई थी, तो फिर सभी फैसलों को सर्वसम्मत कैसे कहा जा सकता है? ओवैसी ने यह भी सवाल उठाया कि यदि आयोग के भीतर चुनाव आयुक्तों को ही पूरी जानकारी नहीं दी जा रही है, तो इससे देश के सामने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर क्या संदेश जाएगा?