उन्होंने माना कि वीआईपी का वर्तमान बिहार विधान सभा में 4 सदस्य थे पर अब कोई सदस्य नहीं है, लेकिन बिहार विधान परिषद में वे खुद एक सदस्य के रूप में प्रतिनिधित्व करते हैं, इसलिए उनकी पार्टी का भी इस बैठक में प्रतिनिधित्व होना चाहिए। वीआईपी नेता का मानना है कि बिहार राज्य के इस महत्वपूर्ण विषय पर सर्वदलीय बैठक में राज्य के सभी दलों के विचार से जातिगत जनगणना पर सकारात्मक पहल होगी।