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’13 करोड़ मतदाताओं का अधिकार छीना गया’, आनंद शर्मा बोले- SIR रद्द हो, ज्ञानेश कुमार को हटाना जरूरी

Anand Sharma on SIR : कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री आनंद शर्मा ने कहा कि SIR के चलते 13 करोड़ मतदाता अब तक अपने मताधिकार से वंचित हो चुके हैं। शर्मा ने मौजूदा SIR को रद्द करने और मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने की मांग की।
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भारत

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kamlesh sharma

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Oct 18, 2026

Anand Sharma

Anand Sharma (Photo-ANI)

Anand Sharma on SIR : शिमला। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री आनंद शर्मा ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर चुनाव आयोग पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि इस प्रक्रिया के चलते 13 करोड़ मतदाता अब तक अपने मताधिकार से वंचित हो चुके हैं। शर्मा ने मौजूदा SIR को रद्द करने और मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने की मांग की।

शर्मा ने कहा कि संविधान चुनाव आयोग को स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव कराने की जिम्मेदारी देता है। हर वयस्क भारतीय नागरिक को मतदान का अधिकार देता है। ऐसे में मतदाता सूची से नाम हटाने की प्रक्रिया और उसके पीछे की मंशा की जांच जरूरी है। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग की नई व्यवस्था में पारदर्शिता और भरोसे की कमी है।

2002 को ही आधार बनाने का फैसला मनमाना

आनंद शर्मा ने सवाल उठाया कि मतदाता सूची के पुनरीक्षण में वर्ष 2002 को विशेष महत्व देने का कानूनी आधार क्या है। उस समय के बाद बड़ी संख्या में नागरिक पैदा हुए हैं और अब मतदान की पात्रता हासिल कर चुके युवा इस प्रक्रिया को लेकर चिंतित और आक्रोशित हैं। उन्होंने कहा कि तीन सदस्यीय चुनाव आयोग के दो चुनाव आयुक्त भी इस मामले में खुलकर अपनी बात रख चुके हैं। मतदाता सूची में नाम जोड़ने और हटाने के लिए जनप्रतिनिधित्व कानून और मतदाता पंजीकरण नियम, 1960 में प्रावधान हैं। उन्होंने सवाल किया कि जब कानून के तहत प्रक्रिया पहले से तय है, तो नई व्यवस्था किस आधार पर लागू की गई।

ERO और राज्यों के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों को मिले पूरा एक्सेस

शर्मा ने कहा कि पहले मतदाता सूची से जुड़े आंकड़ों को अपलोड करने के लिए निर्वाचन पंजीकरण अधिकारियों (ERO) का नेटवर्क था। नई व्यवस्था में ERO, जिला निर्वाचन अधिकारियों (DEO) और राज्यों के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों तक की पहुंच सीमित हो गई है। उन्होंने कहा कि कई राज्यों ने चुनाव आयोग से इस सिस्टम का एक्सेस देने की मांग की है।

उन्होंने कहा कि देश की आबादी करीब 150 करोड़ है, लेकिन मतदाता सूची से जुड़े काम को केवल तीन-चार लोग संभाल रहे हैं। शर्मा ने कहा कि यदि किसी मतदाता का नाम गलत तरीके से हटाया जाता है, तो संबंधित अधिकारी भी उसकी मदद करने में असमर्थ हो सकते हैं। उन्होंने मांग की कि ERO और राज्यों के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों को पूरे देश में सिस्टम का पूरा एक्सेस दिया जाए।

गलत तरीके से नाम कटने वालों से फॉर्म-6 भरवाना गलत

कांग्रेस नेता ने फॉर्म-6 को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि यह फॉर्म नए मतदाताओं के पंजीकरण के लिए है, लेकिन जिन लोगों के नाम मतदाता सूची से गलत तरीके से हटाए गए हैं, उन्हें भी इसी फॉर्म के जरिए दोबारा नाम जुड़वाने के लिए कहा जा रहा है।

शर्मा ने आरोप लगाया कि इससे उन लोगों को गलत घोषणा करने के लिए मजबूर किया जा सकता है, जिनके नाम पहले से मतदाता सूची में थे। उन्होंने कहा कि कई हाईकोर्ट इस मामले में फैसले दे चुके हैं, लेकिन मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की चुप्पी चिंताजनक है।

ज्ञानेश कुमार को हटाने की मांग जायज

आनंद शर्मा ने कहा कि लोकतंत्र में चुनाव कराने वाली संस्था पर जनता का भरोसा कायम रहना जरूरी है। यदि यह भरोसा कमजोर होता है, तो मुख्य चुनाव आयुक्त को हटाने की मांग जायज है। उन्होंने सरकार और चुनाव आयोग से इस स्थिति को समझने की अपील की। उन्होंने कहा कि विपक्षी दल इस मुद्दे पर एकजुट हैं। हालांकि, SIR का 2027 के विधानसभा चुनावों पर क्या असर पड़ेगा, इस बारे में उन्होंने कोई निश्चित दावा नहीं किया।

सुप्रीम कोर्ट के फैसले का इंतजार

शर्मा ने कहा कि उन्हें सुप्रीम कोर्ट पर पूरा भरोसा है और उन्हें उम्मीद है कि अदालत संविधान तथा नागरिकों के मौलिक अधिकारों की रक्षा करेगी। उन्होंने कहा कि भारत एक संवैधानिक लोकतंत्र और कानून से संचालित देश है। इसलिए यह मान लेना सही नहीं होगा कि सब कुछ खत्म हो चुका है। अब सुप्रीम कोर्ट के फैसले का इंतजार करना चाहिए।

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