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विपक्षी सांसदों के मार्च से ओवैसी ने बनाई दूरी: बोले-मैं गठबंधन का हिस्सा नहीं, बेगानी शादी में मेरा क्या काम?

दिल्ली में निर्वाचन आयोग (ईसीआई) तक निकाले गए 'इंडी' गठबंधन के सांसदों के विरोध मार्च से एआईएमआईएम (AIMIM) प्रमुख और सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने पूरी तरह दूरी बना ली है।
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भारत

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kamlesh sharma

•

Oct 06, 2026

Asaduddin Owaisi

Asaduddin Owaisi (Photo-ANI)

हैदराबाद। दिल्ली में निर्वाचन आयोग (ईसीआई) तक निकाले गए 'इंडी' गठबंधन के सांसदों के विरोध मार्च से एआईएमआईएम (AIMIM) प्रमुख और सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने पूरी तरह दूरी बना ली है। हैदराबाद में मीडिया से बातचीत के दौरान ओवैसी ने तंज कसते हुए कहा कि वे इस गठबंधन का हिस्सा ही नहीं हैं, इसलिए उनके प्रदर्शन में जाने का कोई औचित्य नहीं बनता। विरोध मार्च में शामिल न होने के सवाल पर ओवैसी ने चुटकी लेते हुए कहा कि मैं वहां इसलिए नहीं गया क्योंकि मैं उस गठबंधन का हिस्सा नहीं हूं। 'बेगानी शादी में अब्दुल्ला दीवाना' वाली बात है।

सीईसी चयन प्रक्रिया पर उठाए सवाल

हालांकि ओवैसी ने चुनाव आयोग की व्यवस्था और मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) के चयन की मौजूदा प्रक्रिया पर एतराज जताया। उन्होंने कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त के चयन की मौजूदा प्रक्रिया पूरी तरह गलत है। यह व्यवस्था पूरी तरह से कार्यपालिका (सरकार) के पक्ष में झुकी हुई है। मुख्य समस्या यही है और इसमें तुरंत सुधार किया जाना चाहिए।

ओवैसी ने मांग की कि चयन समिति से जुड़े कानून में बदलाव किया जाए और मुख्य चुनाव आयुक्त का चुनाव प्रधानमंत्री, सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष की तीन सदस्यीय समिति द्वारा ही किया जाना चाहिए। ओवैसी ने आरोप लगाया कि यह एसआईआर प्रक्रिया गलत है और उनका मानना है कि यह चोर दरवाजे से एनआरसी (NRC) लागू करने की कोशिश है।

वोटर लिस्ट से नाम काटने की साजिश का आरोप

ओवैसी ने तेलंगाना के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) द्वारा जारी मेमो संख्या 868 का हवाला देते हुए मतदाता सूची से फर्जी तरीके से नाम हटाने के प्रयासों पर चिंता जताई। उन्होंने हैदराबाद संसदीय क्षेत्र के गोशामहल विधानसभा क्षेत्र के बूथ नंबर 28 का मामला उठाते हुए आरोप लगाया कि एक सोची-समझी साजिश के तहत एक व्यक्ति ने पूर्व-मुद्रित फॉर्म 7 के जरिए 122 लोगों के नाम मतदाता सूची से हटाने की कोशिश की। जांच में सामने आया कि वह भाजपा का समर्थक है और वे सभी 122 नाम मुस्लिम समुदाय के सदस्यों के हैं। हमने जब जांच की तो पाया कि इनमें से अधिकतर के नाम वर्ष 2002 से लेकर हालिया मतदाता सूचियों में दर्ज हैं।

ओवैसी ने बीएलओ (BLO) की सराहना की, जिन्होंने इन फॉर्मों को स्वीकार करने से मना कर दिया। ओवैसी ने तेलंगाना के मुख्यमंत्री और चुनाव आयोग से इस मामले की उच्च स्तरीय जांच कराने और गलत बयान देने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।

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