
कांग्रेस सांसद बलवंत वानखड़े। फोटो-IANS
Balwant Wankhade on Maharashtra Farmer Relief: महाराष्ट्र में सूखाग्रस्त किसानों को दिवाली से पहले 5,000 रुपये की अंतरिम आर्थिक सहायता देने के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के ऐलान पर कांग्रेस सांसद बलवंत वानखड़े ने सवाल उठाए हैं। उन्होंने राज्य सरकार के इस फैसले को नाकाफी बताते हुए कहा कि इतनी कम राशि से किसानों की समस्याएं दूर नहीं होंगी। वानखड़े ने किसानों को दी जाने वाली मदद को उनके संघर्ष का मजाक करार दिया।
कांग्रेस सांसद बलवंत वानखड़े ने कहा कि महाराष्ट्र सरकार ने किसानों के लिए 5,000 रुपये की सहायता घोषित की है, जो मौजूदा समय में पर्याप्त नहीं है। उन्होंने कहा कि आज 5,000 रुपये में एक बच्चे के कपड़े खरीदना भी मुश्किल है। वानखड़े के मुताबिक, किसानों ने अपनी पूरी जमा-पूंजी खेती में लगा दी, लेकिन फसल बर्बाद होने के बाद सरकार उन्हें केवल 5,000 रुपये की सहायता दे रही है। उन्होंने कहा कि यह मदद किसानों की परेशानियों के मुकाबले बहुत कम है और इसे उनके साथ मजाक करने जैसा बताया।
कांग्रेस सांसद ने जंतर-मंतर को आधिकारिक विरोध प्रदर्शन स्थल के तौर पर हटाने के मुद्दे पर भी केंद्र सरकार की आलोचना की। उन्होंने इसे सरकार की मनमानी बताया और कहा कि जंतर-मंतर का ऐतिहासिक महत्व है।
वानखड़े ने कहा कि जंतर-मंतर देश ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया में बड़े आंदोलनों के लिए जाना जाता है। उनके आरोप के मुताबिक, सरकार इस कदम के जरिए जंतर-मंतर की पहचान खत्म करने की कोशिश कर रही है।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस इस फैसले की कड़ी निंदा करती है। वानखड़े ने जोर देकर कहा कि विरोध प्रदर्शन करना हर नागरिक का संवैधानिक अधिकार है और सरकार लगातार इस अधिकार पर रोक लगाने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ऐसे किसी भी फैसले के खिलाफ लड़ाई लड़ेगी।
कांग्रेस सांसद बलवंत वानखड़े ने अंकिता भंडारी हत्याकांड में न्याय की मांग को लेकर इंडिया गेट पर प्रदर्शन कर रहे उनके माता-पिता को पुलिस द्वारा हिरासत में लिए जाने की घटना पर भी प्रतिक्रिया दी। वानखड़े ने कहा कि अंकिता के माता-पिता न्याय की मांग करते हुए शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे थे, लेकिन पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया। बाद में उन्हें छोड़ दिया गया। उन्होंने इस घटना को बेहद दुर्भाग्यपूर्ण बताया।
वानखड़े ने आरोप लगाया कि सरकार तानाशाही तरीके से काम कर रही है और आवाज उठाने वालों पर दबाव बनाया जाता है। उन्होंने कहा कि न्याय की मांग कर रहे माता-पिता के साथ इस तरह का व्यवहार करना तानाशाही को दर्शाता है। कांग्रेस सांसद ने कहा कि उनकी पार्टी शुरू से ही सरकार के रवैये पर सवाल उठाती रही है। उन्होंने प्रदर्शनकारियों के अधिकारों और अंकिता भंडारी के माता-पिता की न्याय की मांग के प्रति सरकार के व्यवहार की आलोचना की।
Updated on:
15 Oct 2026 04:50 pm
Published on:
15 Oct 2026 04:00 pm
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