
WPI: महंगाई से जूूझ रही आम जनता के लिए बड़ी राहत की खबर है। थोक मूल्य सूचकांक पर आधारित देश की मुद्रास्फीति (थोक महंगाई दर) जनवरी में घटकर 0.27 प्रतिशत रह गई। इससे पिछले महीने की बात करे तो यह दिसंबर में 0.73 प्रतिशत थी। वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय द्वारा बुधवार को यह आंकड़े जारी किया है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, विनिर्मित वस्तुओं के साथ-साथ ईंधन और बिजली की कीमतों में एक साल पहले की तुलना में गिरावट दर्ज की गई है। इसके परिणामस्वरूप मुद्रास्फीति दर धीमी हुई है। हालांकि, जनवरी में खाद्य कीमतों में वृद्धि देखी गई जिसके कारण थोक मूल्य सूचकांक सकारात्मक क्षेत्र में रहा।
विनिर्माण समूह का सूचकांक गिरावट
जनवरी 2024 में विनिर्माण समूह का सूचकांक (-0.21 प्रतिशत) गिरकर 139.8 रह गया। इससे पहले यह दिसंबर 2023 में 140.1 पर था। विनिर्मित उत्पादों के लिए 22 एनआईसी दो-अंकीय समूहों में से नौ में कीमतों में वृद्धि देखी गई, 12 समूहों में गिरावट रही जबकि एक समूह स्थिर रहा। कुछ महत्वपूर्ण समूह जिनकी कीमतों में माह-दर-माह वृद्धि देखी गई, वे हैं - मशीनरी और उपकरण; कपड़ा; पेय पदार्थ; मोटर वाहन, ट्रेलर और अर्ध-ट्रेलर; रबर और प्लास्टिक उत्पाद आदि।
कई चीजों की कीमतों में आई कमी
दिसंबर 2023 की तुलना में जनवरी 2024 में जिन समूहों की कीमतों में कमी देखी गई उनमें से कुछ हैं - खाद्य उत्पाद; मूल धातुएं; अन्य विनिर्माण; रसायन और रासायनिक उत्पाद; अन्य गैर-धातु खनिज उत्पाद आदि।
Published on:
14 Feb 2024 03:53 pm
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