
MLC चुनाव के बाद JDU-BJP में तकरार
JDU-BJP Tension: बिहार विधान परिषद चुनाव के नतीजों के बाद NDA के दो प्रमुख घटक दल जदयू और भाजपा के बीच राजनीतिक खींचतान बढ़ती दिख रही है। सारण शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से निर्दलीय जीत हासिल करने वाले राहुल राज और तिरहुत स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से विजयी निर्दलीय उम्मीदवार बंशीधर ब्रजवासी के भाजपा में शामिल होने को लेकर जदयू नेताओं ने सवाल उठाए हैं। इस मुद्दे पर JDU के प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा ने BJP को आत्ममंथन करने की सलाह दी है, जबकि RJD ने JDU पर हमला बोला है।
जदयू प्रदेश अध्यक्ष उमेश सिंह कुशवाहा ने राहुल राज की भाजपा में वापसी को लेकर कहा कि भाजपा किसे पार्टी में शामिल करती है, किसे रखती है और किसे निष्कासित करती है, यह उसका आंतरिक मामला है। लेकिन सवाल यह है कि जिन नेताओं को अनुशासनहीनता के आरोप में महज 15 दिन पहले पार्टी से निकाला गया था, उन्हें जीतते ही 15 दिन के भीतर दोबारा पार्टी में कैसे शामिल कर लिया गया?
उमेश कुशवाहा ने कहा कि भाजपा को इस पर विचार करना चाहिए, क्योंकि मामला NDA की पहचान और गठबंधन की छवि से जुड़ा है। उन्होंने भाजपा के शीर्ष नेतृत्व से भी इस पर मंथन करने की बात कही।
JDU के वरिष्ठ नेता और मुख्य प्रवक्ता नीरज कुमार ने भी BJP की रणनीति पर कड़ा प्रहार किया। नीरज कुमार ने कहा कि आज की राजनीति में एक नया प्रचलन देखने को मिल रहा है, जहां लोगों का दिल कहीं और होता है और दिमाग कहीं और। नीरज कुमार ने कहा कि चुनाव के दौरान जो कुछ भी हुआ, उस पर पार्टी मंच के भीतर हर एक बिंदु पर विस्तार से समीक्षा की जाएगी।
इधर, तिरहुत स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से जदयू उम्मीदवार अभिषेक झा ने फिलहाल चुनाव नतीजों पर अपनी प्रतिक्रिया देने को टाल दिया है। सोशल मीडिया एक्स पर किए एक पोस्ट में उन्होंने बताया कि उन्होंने मीडिया से बात करने की योजना बनाई थी, लेकिन पार्टी नेतृत्व और सरकार के शीर्ष लोगों से चर्चा के बाद उन्होंने इसे टालने का फैसला किया।
अभिषेक झा ने लिखा, "मेरी बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और जदयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष व राज्यसभा सांसद संजय झा के साथ फोन पर लंबी बातचीत हुई। मैंने उनके सामने अपनी सारी बातें विस्तार से रखी हैं। चुनाव को लेकर 5 नवंबर को जदयू के प्रदेश कार्यालय में एक बड़ी समीक्षा बैठक बुलाई गई है। मैं अपनी पार्टी और अपने नेता के सामने पूरी स्पष्टता के साथ अपनी बात रखूंगा। अब मीडिया से कोई भी बातचीत 5 नवंबर के बाद ही होगी।"
एनडीए में इस टकराव पर मुख्य विपक्षी दल राष्ट्रीय जनता दल (राजद) ने तंज कसते हुए जदयू पर निशाना साधा है। राजद के मुख्य प्रवक्ता शक्ति सिंह यादव ने सोशल मीडिया पर पोस्ट लिखकर कहा कि कभी भाजपा को आंख दिखाने वाली जदयू आज पूरी तरह असहाय हो चुकी है। शक्ति यादव ने लिखा, "जब भाजपा चुनाव में आपके अधिकृत प्रत्याशियों के खिलाफ अंदरखाने बैटिंग कर रही थी, तब आपको इसका भान नहीं हुआ? अब जब दोनों जीते हुए निर्दलीयों को पार्टी में शामिल कर भाजपा ने आपको खुला ठेंगा दिखा दिया, तो इतना दर्द क्यों हो रहा है?"
राजद प्रवक्ता ने आगे लिखा, "जदयू नेता यह समझ लें कि भाजपा अब आपकी कृपा पर नहीं चल रही, बल्कि जदयू का वजूद भाजपा के रहमो-करम और टुकड़ों पर टिका है। जो लोग कभी दूसरों को अपनी उंगलियों पर नचाते थे, आज उन्हें खुद भाजपा के इशारों पर नाचना पड़ रहा है। नीतीश कुमार अचेत अवस्था में हैं और पार्टी में बाहर से आए लोग कुंडली मारकर बैठ चुके हैं। जदयू अब राजनीतिक दल नहीं, बल्कि सिर्फ विधायकों का एक समूह बनकर रह गया है।"
Updated on:
2 Nov 2026, 12:03 PM IST
Published on:
2 Nov 2026, 12:03 PM IST
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