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क्या Gen Z को समझने में BJP को हो रही मुश्किल? 80 नेताओं की टीम तलाश रही जवाब

BJP ने Gen Z यानी नई पीढ़ी के युवाओं की सोच समझने के लिए 80 सदस्यों का पैनल बनाया है। टीम हिंदुत्व, युवाओं से संवाद और पार्टी की रणनीति पर रिपोर्ट तैयार कर रही है।
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भारत

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Pratiksha Gupta

•

Oct 17, 2026

Ravi Kishan

गोरखपुर के सांसद रवि किशन और स्मृति ईरानी

BJP Youth Panel: देश का युवा राजनीति और धर्म को लेकर क्या सोचता है? क्या Gen Z (नई पीढ़ी) हिंदुत्व की विचारधारा से खुद को जोड़ पाती है? इन सभी सवालों का जवाब तलाशने और देश के युवा वर्ग के साथ अपना जुड़ाव मजबूत करने के लिए भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने एक मास्टरप्लाॅन तैयार किया है। पार्टी ने 80 सदस्यों की एक टीम बनाई है। केंद्रीय मंत्री मनसुख मांडविया के मार्गदर्शन में यह टीम छह समूहों में बंटकर रिपोर्ट तैयार कर रही है।

80 नेताओं की टीम और 'युवा संवाद' का विजन

केंद्रीय युवा मामले और खेल मंत्री मनसुख मांडविया के मार्गदर्शन में बनी यह टीम कुल छह अलग-अलग वर्किंग ग्रुप्स में बंटी हुई है। इस पूरी पहल को 'युवा संवाद' नाम दिया गया है। पार्टी के सबसे युवा अध्यक्ष 45 वर्षीय नितिन नवीन की अध्यक्षता में हुई बैठकों में कई दिग्गज चेहरों ने अपने सुझाव दिए हैं। इस पैनल में गोरखपुर सांसद व अभिनेता रवि किशन, नई दिल्ली की सांसद बांसुरी स्वराज, बेंगलुरु दक्षिण के सांसद तेजस्वी सूर्या, वडोदरा सांसद हेमांग जोशी और भाजपा महासचिव स्मृति ईरानी जैसे प्रमुख नाम शामिल हैं।

क्यों पड़ी इस टीम की जरूरत?

खबरों के अनुसार, इस नए पैनल को बनाने की सबसे बड़ी वजह जुलाई में हुए छात्र आंदोलन बने। परीक्षा के प्रश्नपत्र लीक होने के बाद युवाओं का गुस्सा सड़कों पर फूटा था, जिसकी पहुंच और असर का सही समय पर आकलन नहीं हो सका था। इसके बाद ही BJP ने समझा कि Gen Z से सीधे संवाद के तरीकों में बदलाव की सख्त जरूरत है।

क्या हिंदुत्व से जुड़ते हैं युवा? रवि किशन ने दिया यह जवाब

बैठक के दौरान जब युवाओं और हिंदुत्व के जुड़ाव पर बात हुई, तो गोरखपुर सांसद रवि किशन ने अपना नजरिया रखा। उन्होंने HT से बातचीत में कहा, 'आज के युवा जन्म से ही हिंदू हैं, इसलिए इस बात पर बहुत ज्यादा जोर देने या जबरदस्ती साबित करने की जरूरत नहीं है। इसके बजाय हमें अपनी आध्यात्मिक शक्ति, मूल्य और संस्कारों को उनके सामने सही तरीके से रखने पर ध्यान देना चाहिए।'
रवि किशन ने यह सलाह भी दी कि राजनीति में युवाओं के सामने अपनी स्वाभाविक पहचान बनाए रखना सबसे ज्यादा जरूरी है। अगर कोई गलती हो भी जाए, तो उसे स्वीकार कर आगे बढ़ना चाहिए।

अंग्रेजी नाम नहीं, रील्स और ट्रेंड्स पर रहेगा जोर

पार्टी के इस कार्य समूह ने यह भी तय किया है कि बातचीत के दौरान अंग्रेजी शब्दों जैसे 'Gen Z' की जगह 'युवा' या 'यूथ' जैसे भारतीय शब्दों का ही प्रयोग किया जाएगा। इसके अलावा, युवाओं को जोड़ने के लिए पार्टी अपने कार्यक्रमों का तरीका भी बदल रही है। हाल ही में वडोदरा में हुए पीएम मोदी के कार्यक्रम में इंटरनेशनल बैंड 'क्वीन' के मशहूर गाने 'वी विल रॉक यू' और ब्लॉकबस्टर फिल्मों के म्यूजिक का फ्यूजन बजाया गया। साथ ही विशाल 'L' शेप का रैंप बनाया गया ताकि सोशल मीडिया पर युवाओं के लिए आकर्षक रील्स और शॉर्ट्स बनाए जा सकें।

विपक्ष के प्रदर्शनों से लेकर युवा महिलाओं तक, BJP का नया प्लान

पैनल की सिफारिशों के आधार पर BJP ने विपक्ष के प्रदर्शनों का जवाब देने के लिए ज्यादा संख्या में लोगों को जुटाने की रणनीति पर काम किया है। अब टीम का फोकस दो बड़े वर्गों पर रहेगा। इनमें ऐसे युवा शामिल हैं, जो किसी राजनीतिक दल या विचारधारा से सीधे तौर पर नहीं जुड़े हैं, और युवा महिलाएं। पार्टी इन दोनों वर्गों की सोच और जरूरतों को समझकर उनसे बेहतर संवाद स्थापित करने की योजना बना रही है।