
नेहा बोरा। (फाइल फोटो-ANI)
Neha Bora released: दिल्ली पुलिस ने आइसा की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा को रिहा कर दिया है। नेहा बोरा को आज सुबह 6 बजे रिहा किया गया। वह बीते 13 घंटों से पुलिस हिरासत में थी। कॉकरोच जनता पार्टी के फाउंडर अभिजीत दीपके को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। दिल्ली पुलिस ने 16 अक्टूबर की शाम को तिरंगा मार्च के दौरान नेहा बोरा और अभिजीत दीपके को BNS की धारा 163 के उल्लंघन के आरोप में हिरासत में लिया था।
दिल्ली पुलिस ने बताया कि 16 अक्टूबर की शाम को तिरंगा मार्च के दौरान छात्र नेता नेहा बोरा और सीजेपी फाउंडर अभिजीत दीपके को एहतियाती धाराओं के तहत हिरासत में लिया था। नेहा को दिल्ली पुलिस अधिनियम की धारा 65 के तहत औपचारिकताएं पूरी होने के बाद रिहा कर दिया गया। जानकारी सामने आई है कि नेहा को मंडी हाउस से कस्टडी में लिया गया था।
AISA की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा ने कहा कि कानून-व्यवस्था की हर तरह से धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। आम नागरिकों के साथ ऐसा बर्ताव किया जाता है जैसे वे कोई बहुत बड़े अपराधी हों - यह चलन इस देश में लंबे समय से चला आ रहा है। मौजूदा आंदोलन ने साफ कर दिया है कि लोगों को कैसे हिरासत में लिया जा रहा है- चाहे दिन हो या शाम, उन्हें पूरी रात हिरासत में रखा जाता है और अगले दिन सुबह या शाम को ही छोड़ा जाता है। किस अधिकार के तहत इसे सही ठहराया जा सकता है? किस कानून या आदेश के तहत लोगों को पूरी रात हिरासत में रखना जायज है? कानूनी तौर पर, लोगों को खासकर महिलाओं को सूर्यास्त के बाद छोड़ दिया जाना चाहिए, लेकिन ऐसा नहीं हो रहा है।
इसके अलावा, एक नया नैरेटिव (कथा) फैलाया जा रहा है। अराजकता और अव्यवस्था का। कैसी अराजकता और अव्यवस्था? वही जो आपने सेंट्रल दिल्ली में फैलाई है? दिल्ली के लोग चैन की सांस भी नहीं ले पा रहे हैं, वे काम पर जाने के लिए जो भी रास्ता चुनते हैं, वह बंद मिलता है। आप पूरे देश में अराजकता और अव्यवस्था फैला रहे हैं। कृपया, भारत के लोगों को बख्श दें। ज्ञानेश कुमार पर महाभियोग चलाएं और SIR को रोकें, ताकि इस देश के आम नागरिक चैन की सांस ले सकें, सुकून से रह सकें और उनके वोट देने के अधिकार सुरक्षित रहें।"
अभिजीत दीपके को लेकर दिल्ली पुलिस ने बताया कि उनके खिलाफ BNS की धारा 126/170 के तहत कार्रवाई शुरू की गई है। उन्हें SEM कोर्ट के सामने पेश किया जाएगा। हालांकि, दीपके को कहां रखा गया है, इसे लेकर कोई भी जानकारी सामने नहीं आई है। बीते 6 दिनों में दीपके को दूसरी बार कस्टडी में लिया गया है। इससे पहले 10 अक्टूबर को जंतर-मंतर प्रदर्शन से पहले दीपके को विमान से हिरासत में लिया गया था, अगले दिन छोड़ दिया गया।
दिल्ली पुलिस पर आइसा ने आरोप लगाया कि आधी रात थाने में लाने के बाद पुलिस ने वकीलों को नेहा से मिलने नहीं दिया। आइसा से जुड़े छात्रों ने कहा कि जब मुलाकात हुई तो वहां पुलिस-रिकॉर्डर कैमरे सब मौजूद थे। नेहा के समर्थकों ने आरोप लगाया कि नेहा बीते कुछ दिनों से बीमार हैं, फिर भी उन्हें दवाई लेने से रोक दिया गया।
दिल्ली पुलिस ने कनॉट प्लेस स्थित सेंट्रल पार्क में आयोजित होने वाली 'तिरंगा सभा' में शामिल होने जा रहे 150 प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया। सीपीआई (एम) सांसद जॉन ब्रिटास ने कहा कि उन्होंने कहा था कि किसी को भी सीपी (कनॉट प्लेस) तक नहीं पहुंचने दिया जाएगा। लेकिन हम यहां पहुंच गए हैं। हम शहर के मुख्य हिस्से में आ गए हैं। हमने दिल्ली पुलिस को चुनौती दी है, हमने उनके प्रतिबंध को तोड़ा है, और हमने तिरंगे का मान रखा है। इसके साथ ही मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर मंडी हाउस के पास प्रदर्शन कर रहे आइसा और वामपंथी दलों के कार्यकर्ताओं को पुलिस ने हिरासत में ले लिया।
Updated on:
17 Oct 2026 07:36 am
Published on:
17 Oct 2026 06:35 am
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