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LPU कैंपस में हुए हंगामे पर बीजेपी प्रवक्ता प्रितपाल सिंह ने की NIA जांच की मांग

LPU Campus Ruckus: लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी कैंपस में हुए हंगामे पर बीजेपी प्रवक्ता प्रितपाल सिंह ने एनआईए जांच की मांग उठाई है।
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Pritpal Singh

प्रीतपाल सिंह (Photo - Video Screenshot from @ians_india)

पंजाब के फगवाड़ा में स्थित लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी यानी एलपीयू (Lovely Professional University - LPU) में 26-27 सितंबर 2026 की रात को हुए हिंसक हंगामे ने पूरे राज्य की सियासत को गरमा दिया है। सोशल मीडिया पर फैली अफवाह के अनुसार गर्ल्स हॉस्टल-3 में एक छात्रा के साथ किसी बाहरी व्यक्ति ने दुष्कर्म किया और बाद में उस छात्रा ने आत्महत्या कर ली। ये आरोप अभी तक साबित नहीं हुए हैं। वहीँ यूनिवर्सिटी ने इन्हें झूठा, बेबुनियाद और अफवाह करार दिया है, जबकि पुलिस ने अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ बीएनएस की धारा 64 के तहत एफआईआर दर्ज कर मामले की जांच के लिए एसआईटी गठित की है। इसके बाद से यूनिवर्सिटी के छात्रों का प्रदर्शन जारी है, जो अब हिंसक हो गया है।

बीजेपी प्रवक्ता ने की एनआईए जांच की मांग

लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी कैंपस में हुए हंगामे पर बीजेपी (BJP) प्रवक्ता प्रितपाल सिंह (Pritpal Singh) ने NIA जांच की मांग की है। उन्होंने मीडिया से बात करते हुए कहा, "हमने एनआईए जांच की डिमांड की है क्योंकि लड़कियों ने वीडियो शेयर करके बताया है कि गुंडे नीचे और कॉरिडोर में घूम रहे थे। ये गुंडे कौन थे? जब 10,000 पुलिसकर्मी तैनात थे और ADGP व DGP स्तर के अधिकारी मौजूद थे, तो ऐसे गुंडों को कैंपस के अंदर घूमने की इजाज़त कैसे दी जा सकती है?"

कक्षाएं और परीक्षाएं हुईं स्थगित

इस पूरे मामले के बाद एलपीयू कैंपस में तोड़फोड़, आगजनी, दुकानों में लूटपात, खिड़कियां और गमले तोड़ना, पुलिस वाहनों पर हमला तथा उन्हें जलाने के मामले सामने आए हैं। प्रदर्शनकारियों ने जालंधर-फगवाड़ा नेशनल हाईवे (NH-44) को करीब 15-18 घंटे जाम कर रखा। हिंसा में कई पुलिसकर्मी भी घायल हुए, जो कैंपस में हालात को काबू में करने के लिए तैनात थे। मामले की गंभीरता को देखते हुए एलपीयू ने 10 दिनों के लिए सभी कक्षाएं स्थगित कर दीं और मिड-टर्म परीक्षाएं भी टाल दीं।

सीएम भगवंत मान ने दिए सख्त कार्रवाई के निर्देश

एलपीयू के चांसलर अशोक मित्तल (Ashok Mittal) हैं, जो बीजेपी राज्यसभा सांसद हैं। वह आम आदमी पार्टी (Aam Aadmi Party - AAP) छोड़कर बीजेपी में शामिल हुए थे। पंजाब में विपक्षी पार्टियों का कहना है कि मित्तल को जानबूझकर निशाना बनाया जा रहा है और उनके खिलाफ साजिश की जा रही है। पुलिस और यूनिवर्सिटी इस मामले में बाहरी असामाजिक तत्वों को दोष दे रहे हैं। पंजाब के सीएम भगवंत मान (Bhagwant Mann) ने आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।