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Cauvery Dispute: तमिलनाडु को 11 TMC पानी देने में कर्नाटक को क्यों हो रही परेशानी? अब सुप्रीम कोर्ट में फैसला सुरक्षित

Karnataka Tamil Nadu Water Dispute: कावेरी जल विवाद में तमिलनाडु ने कर्नाटक से 11 TMC पानी छोड़ने की मांग की है। कम बारिश और सूखे का हवाला देते हुए कर्नाटक ने असमर्थता जताई। सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रखा।
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भारत

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Mukul Kumar

•

Oct 12, 2026

Cavery Dispute

कावेरी नदी विवाद। (फोटो- ANI)

कावेरी नदी के पानी को लेकर कर्नाटक और तमिलनाडु के बीच विवाद एक बार फिर सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है। तमिलनाडु ने कर्नाटक से पानी की कमी पूरी करने के लिए 11 हजार मिलियन क्यूबिक फीट (टीएमसी) पानी जल्द छोड़ने की मांग की है। वहीं, कर्नाटक सरकार ने कहा है कि इस साल बारिश कम होने और कई इलाकों में सूखे जैसे हालात के कारण इतनी बड़ी मात्रा में पानी देना मुश्किल है।

सुप्रीम कोर्ट में फैसला सुरक्षित

दोनों राज्यों के बीच पानी के बंटवारे को लेकर सोमवार, 12 अक्टूबर को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस आपरेश कुमार सिंह की पीठ ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद तमिलनाडु की नई याचिका पर अपना फैसला सुरक्षित रख लिया।

तमिलनाडु ने कहा- अपने हिस्से का पानी मांग रहे हैं

तमिलनाडु सरकार ने अदालत में कहा कि वह कावेरी नदी के पानी में अपना जायज हिस्सा मांग रही है। राज्य के मुताबिक, मुश्किल हालात में उपलब्ध पानी का बंटवारा तय अनुपात के आधार पर होना चाहिए। इसके साथ ही पहले से बकाया पानी भी दिया जाना चाहिए।

तमिलनाडु का तर्क है कि कम बारिश और पानी की कमी का पूरा बोझ नदी के निचले हिस्से में बसे राज्य पर नहीं डाला जा सकता। राज्य ने कर्नाटक पर यह सवाल भी उठाया कि जब वह अपने यहां सिंचाई और दूसरी जरूरतों के लिए उपलब्ध पानी तथा नदी में आ रहे पानी का इस्तेमाल कर रहा है, तो तमिलनाडु को उसके हिस्से से वंचित क्यों रखा जाए।

कर्नाटक ने कहा- 11 TMC पानी की आपूर्ति करना आसान नहीं

कर्नाटक सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि मौजूदा साल बारिश के लिहाज से मुश्किल रहा है। कई इलाकों को सूखा प्रभावित घोषित किया गया है। ऐसे में तमिलनाडु की ओर से मांगे जा रहे 11 TMC पानी की आपूर्ति करना आसान नहीं होगा।

कर्नाटक का पक्ष है कि पानी की उपलब्धता सीमित होने के कारण उसे अपने राज्य की जरूरतों को भी ध्यान में रखना होगा। कम बारिश का असर नदी में आने वाले पानी और जल भंडार पर पड़ा है। ऐसे हालात में पानी छोड़ने के आदेश को पूरा करना चुनौतीपूर्ण हो सकता है।

इस विवाद में दोनों राज्यों की चिंताएं अलग-अलग हैं। कर्नाटक अपने यहां पानी की कमी और स्थानीय जरूरतों का हवाला दे रहा है, जबकि तमिलनाडु अपने हिस्से के पानी और पहले से बकाया मात्रा की मांग कर रहा है।

10 दिन में पानी छोड़ने की मांग

तमिलनाडु सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में नई याचिका दाखिल कर कर्नाटक को 11 TMC पानी की बकाया मात्रा तुरंत छोड़ने का निर्देश देने की मांग की है। राज्य के अनुसार, 7 अक्टूबर तक पानी की इतनी मात्रा बकाया थी।

याचिका में मांग की गई है कि कर्नाटक अगले 10 दिनों तक हर दिन 1.3 TMC पानी छोड़े। यह पानी कर्नाटक और तमिलनाडु की सीमा पर स्थित बिलिगुंडुलु में छोड़ा जाना चाहिए। यह स्थान कावेरी नदी के पानी के बहाव को मापने के लिए अहम है।