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ICICI बैंक धोखाधड़ी मामले में वीडियोकॉन के चेयरमैन वेणुगोपाल धूत गिरफ्तार

ICICI Bank Fraud Case ICICI बैंक धोखाधड़ी मामले में एक नया मामला सामने आया है। ICICI बैंक की पूर्व एमडी और सीईओ चंदा कोचर और उनके पति दीपक कोचर के बाद सीबीआई ने सोमवार को वीडियोकॉन अध्यक्ष वेणुगोपाल धूत को गिरफ्तार कर लिया है।
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नई दिल्ली

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Sanjay Kumar Srivastava

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Updated: 26 Dec 2022, 12:26 PM IST

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ICICI बैंक धोखाधड़ी मामले में CBI ने वीडियोकॉन अध्यक्ष वेणुगोपाल धूत को किया गिरफ्तार

ICICI बैंक धोखाधड़ी मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने सोमवार को वीडियोकॉन अध्यक्ष वेणुगोपाल धूत को गिरफ्तार कर लिया है। इसे पूर्व सीबीआई ने शुक्रवार को वीडियोकॉन ग्रुप को 3,250 करोड़ का बैंक लोन देने के मामले में ICICI बैंक की पूर्व एमडी और सीईओ चंदा कोचर और उनके पति दीपक कोचर गिरफ्तार किया था। CBI ने शनिवार को कोचर दंपति को विशेष कोर्ट में पेश किया। जहां विशेष कोर्ट ने उन्हें तीन दिन की सीबीआई रिमांड में भेज दिया है। 26 दिसम्बर को चंदा कोचर और दीपक कोचर की सीबीआई रिमांड का आखिर दिन है। इस मामले में सीबीआई ने जनवरी 2019 में केस दर्ज किया था। इस मामले में कोचर दंपति संग वेणुगोपाल धूत, वीडियोकॉन, Nupower और सुप्रीम एनर्जी पर मामला दर्ज किया गया है।

ICICI बैंक धोखाधड़ी मामले क्या है जानें?

मामला यह है कि, ICICI बैंक और वीडियोकॉन के शेयर होल्डर अरविंद गुप्ता ने प्रधानमंत्री, रिजर्व बैंक और सेबी को पत्र लिखकर वीडियोकॉन के अध्यक्ष वेणुगोपाल धूत और ICICI की सीईओ व एमडी चंदा कोचर पर एक-दूसरे को लाभ पहुंचाने का आरोप लगाया था। इस पत्र में दावा किया गया है कि, धूत की कंपनी वीडियोकॉन को आईसीआईसीआई बैंक से 3250 करोड़ रुपए का लोन दिया गया और इसके बदले धूत ने चंदा कोचर के पति दीपक कोचर की वैकल्पिक ऊर्जा कंपनी 'नूपावर' में अपना पैसा निवेश किया। आरोप है कि इस तरह चंदा कोचर ने अपने पति की कंपनी के लिए वेणुगोपाल धूत को लाभ पहुंचाया। साल 2018 में यह खुलासा होने के बाद चंदा कोचर को बैंक से इस्तीफा देना पड़ा था।

सीबीआई ने 2018 में दर्ज की थी पीई

इस मामले में सीबीआई सक्रिय हो गई। और फरवरी, 2018 में सबसे पहले प्रारंभिक जांच (पीई) दर्ज की थी। साल 2019 में आईसीआईसीआई की पूर्व सीईओ और प्रबंध निदेशक चंदा कोचर के खिलाफ आरोपों की जांच कर रही जस्टिस बी.एन. श्रीकृष्णा समिति की रिपोर्ट ने अपनी जांच में पाया कि चंदा कोचर ने बैंक की आचार संहिता का उल्लंघन किया है।

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