10 अक्टूबर 2026,

शनिवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

हिरासत और गिरफ्तारी में क्या अंतर? सीजेपी प्रदर्शन के बीच जानिए पुलिस की कार्रवाई और कानूनी अधिकार

detention vs arrest सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दीपके, आशुतोष रांका और सौरव दास सहित कई नेताओं को हिरासत में लिया गया। हिरासत में लिए जाने की खबरों के बीच यह समझना जरूरी है कि हिरासत और गिरफ्तारी में क्या अंतर है, हिरासत में लिए गए व्यक्ति को कौन-कौन से अधिकार मिलते हैं।
2 min read
Google source verification

भारत

•

image

kamlesh sharma

•

Oct 10, 2026

Protest Against Gyanesh Kumar

Protest Against Gyanesh Kumar (Photo: IANS/Prem Nath Pandey)

CJP Protest : नई दिल्ली। दिल्ली के जंतर-मंतर पर सीजेपी के प्रदर्शन से पहले पुलिस की कार्रवाई चर्चा में है। सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दीपके, आशुतोष रांका और सौरव दास सहित कई नेताओं को हिरासत में लिया गया। हिरासत में लिए जाने की खबरों के बीच यह समझना जरूरी है कि हिरासत और गिरफ्तारी में क्या अंतर है, हिरासत में लिए गए व्यक्ति को कौन-कौन से अधिकार मिलते हैं।

हिरासत और गिरफ्तारी में क्या अंतर है?

हिरासत का अर्थ है किसी व्यक्ति को पुलिस के नियंत्रण में रखना। कुछ परिस्थितियों में पुलिस पूछताछ या कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए किसी व्यक्ति को रोक सकती है। हालांकि, हिरासत में लेने के लिए भी कानूनी आधार होना जरूरी है।

गिरफ्तारी किसी कथित अपराध के संबंध में की जाने वाली औपचारिक कानूनी कार्रवाई है। इसमें पुलिस को गिरफ्तारी से जुड़े कानूनी प्रावधानों का पालन करना होता है। किसी व्यक्ति को पुलिस अपने साथ ले जाए, तो केवल इस आधार पर यह नहीं माना जा सकता कि उसकी औपचारिक गिरफ्तारी हो गई है।

क्या हिरासत में लिए जाने का मतलब गिरफ्तारी है?

नहीं। हिरासत और गिरफ्तारी की कानूनी स्थिति अलग-अलग हो सकती है। किसी मामले में पुलिस ने व्यक्ति को हिरासत में लिया है या औपचारिक रूप से गिरफ्तार किया है, यह पुलिस की कार्रवाई और संबंधित कानूनी दस्तावेजों से स्पष्ट होता है।

हिरासत में लिए जाने पर परिवार को क्या करना चाहिए?

  1. सबसे पहले संबंधित पुलिस थाने से संपर्क करके व्यक्ति के बारे में जानकारी लें।
  2. पता करें कि व्यक्ति को केवल हिरासत में लिया गया है या औपचारिक रूप से गिरफ्तार किया गया है।
  3. गिरफ्तारी का कारण, संबंधित मामले और उपलब्ध दस्तावेजों की जानकारी मांगें।
  4. व्यक्ति को वकील उपलब्ध कराएं या पात्र होने पर मुफ्त कानूनी सहायता के लिए संपर्क करें।
  5. यदि व्यक्ति को 24 घंटे के भीतर मजिस्ट्रेट के सामने पेश नहीं किया गया है, तो तत्काल वकील से सलाह लें।

इन लोगों को हिरासत में लिया गया

-अभिजीत दीपके-सीजेपी के संस्थापक
-आशुतोष रांका-सीजेपी के सह-संयोजक
-सौरव दास-सीजेपी के सह-संयोजक
-रत्ना सिंह-सीजेपी की कानूनी टीम की प्रमुख
-ध्रुव राठी - यूट्यूबर
-पिनराई विजयन - केरल के पूर्व मुख्यमंत्री
-एम. ए. बेबी - माकपा के महासचिव।
-जॉन ब्रिटास - माकपा के सांसद।
-तुषार गांधी - महात्मा गांधी के पड़पोते
-अरविंद केजरीवाल - आम आदमी पार्टी राष्ट्रीय संयोजक
-ममता बनर्जी- बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री
-योगेंद्र यादव-एक्टिविस्ट

नोट: यह सामान्य कानूनी जानकारी है। किसी विशेष व्यक्ति की हिरासत वैध है या नहीं, यह उसके मामले के तथ्यों और लागू कानून पर निर्भर करेगा।