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‘मित्रता की कीमत चुका रहा देश’, कांग्रेस ने ट्रंप के टैरिफ फैसले पर मोदी सरकार को घेरा

कांग्रेस ने अपने पोस्ट में लिखा, ट्रंप ने भारत पर 25 प्रतिशत टैरिफ ठोक दिया, साथ ही पेनल्टी भी लगा दी। नरेंद्र मोदी की 'दोस्ती' का खामियाजा देश भुगत रहा है।
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भारत

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Shaitan Prajapat

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Updated: 30 Jul 2025, 7:15 PM IST

नरेंद्र मोदी और डोनाल्ड ट्रंप (Photo-ANI)

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार को ऐलान किया है कि अमेरिका 1 अगस्त से भारतीय आयातों पर जुर्माने के साथ 25 प्रतिशत टैरिफ लगाएगा। ट्रंप ने यह घोषणा अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ पर की गई। उन्होंने कहा कि इस फैसला रूस से सैन्य उपकरण और ऊर्जा खरीदने पर भारत पर जुर्माना भी लगाया जाएगा। ट्रंप के ऐलान के बाद देश में सियासी घमासान शुरू हो गया है। कांग्रेस ने इसको लेकर मोदी सरकार पर जोरदार हमला बोला है।

दोस्ती का खामियाजा भुगत रहा देश: कांग्रेस

डोनाल्ड ट्रंप के ऐलान के तुरंत बाद कांग्रेस ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट कर केंद्र सरकार तीखा हमला बोला है। कांग्रेस ने अपने पोस्ट में लिखा, ट्रंप ने भारत पर 25 प्रतिशत टैरिफ ठोक दिया, साथ ही पेनल्टी भी लगा दी। नरेंद्र मोदी की 'दोस्ती' का खामियाजा देश भुगत रहा है।

  • मोदी ने ट्रंप का प्रचार किया।
  • लपक-लपककर गले मिले।
  • फोटो खिंचवाकर सोशल मीडिया में ट्रेंड कराया।आखिर में ट्रंप ने भारत पर टैरिफ ठोक दिया। भारत की विदेश नीति पूरी तरह फेल हो चुकी है।

भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए विनाशकारी: सुप्रिया श्रीनेत

कांग्रेस नेता सुप्रिया श्रीनेत ने मोदी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि देश की अर्थव्यवस्था को बर्बाद कर दिया गया है। उन्होंने X पर लिखा, यह भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए विनाशकारी होगा। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रूस से तेल और हथियार खरीदने पर भारत पर 25% टैरिफ लगाने के अलावा जुर्माना भी लगाया है। यह तब हुआ जब मोदी ट्रंप को लुभाने के लिए हर संभव प्रयास कर रहे थे। यह इस बात का स्पष्ट संकेत है कि भाजपा सरकार और प्रधानमंत्री ने भारत के राष्ट्रीय हितों से कैसे समझौता किया है।

ये मोदी की विफल कूटनीति है

उन्होंने आगे लिखा, इस कदम के हमारी अर्थव्यवस्था, हमारे घरेलू उद्योग, हमारे निर्यात और परिणामस्वरूप रोज़गार पर दूरगामी परिणाम होंगे। आश्चर्य होता है कि मोदी ने बिना किसी निमंत्रण के अमेरिकी राष्ट्रपति से मिलने के लिए दौड़े-दौड़े क्या बातचीत की होगी? 'नमस्ते ट्रंप', 'हाउडी मोदी', 'अबकी बार ट्रंप सरकार' से भारत को वास्तव में क्या मिला?