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सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने मंगलवार को ईवीएम (EVM) की बजाय बैलट पेपर से चुनाव कराने की जनहित याचिका खारिज कर दी। दूसरी ओर कांग्रेस ने ऐलान किया कि बैलट पेपर से चुनाव कराने की मांग पर देशव्यापी अभियान चलाएगी। संविधान दिवस के मौके पर पार्टी के संविधान रक्षक सम्मेलन में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) पर सवाल उठाते हुए बैलेट पेपर से चुनाव की मांग उन्होंने कहा कि जितनी भी शक्ति लगाकर एससी-एसटी, ओबीसी, गरीब तबके के लोग, छोटे समुदाय के लोग जो अपना वोट दे रहे हैं वो वोट फिजूल जा रहा है। हमने जैसे भारत जोड़ो यात्रा निकाली थी, वैसे ही बैलेट पेपर से चुनाव के लिए एक देशव्यापी अभियान चलाएंगे। खरगे ने कहा, अहमदाबाद में कई गोदाम हैं। ईवीएम को वहां रख देना चाहिए। जब बैलेट पेपर से चुनाव होगा तब भाजपा को अपनी हालत का पता चलेगा। खरगे ने कहा कि वे अन्य पार्टियों को भी इस मुहिम में शामिल करेंगे।
सुप्रीम कोर्ट ने ईवीएम के बजाय कई चुनावी सुधारों के साथ बैलेट पेपर मतदान प्रणाली फिर शुरू करने की मांग वाली जनहित याचिका खारिज करते हुए कहा कि इस मामले में अब यह बहस की जगह नहीं है। याचिकाकर्ता की इस दलील पर कि आंध्र प्रदेश के सीएम चंद्रबाबू नायडू और पूर्व सीएम वाई.एस. जगन मोहन रेड्डी ने भी ईवीएम से छेड़छाड़ पर सवाल उठाए थे, जस्टिस विक्रम नाथ और पी.बी. वराले की पीठ ने कहा, ‘जब नायडू या रेड्डी हारते हैं तो कहते हैं कि ईवीएम से छेड़छाड़ की गई। जीतने पर कुछ नहीं कहते। इसे कैसे देखा जाए?’
एनसीपी (शरद पवार) के वरिष्ठ नेता जितेंद्र अव्हाड ने ईवीएम पर सवाल उठाते हुए कहा कि महाराष्ट्र में एक परिवार में 32 वोट हैं। सभी लोगों ने परिवार के प्रत्याशी को वोट दिया। फिर भी जीरो वोट दिखाए गए। ऐसा कैसे हो सकता है? उन्होंने कहा, हम अपनी हार के लिए कोई एक कारण नहीं मान सकते। मुझे तो यकीन नहीं होता कि लाड़की बहन योजना का इतना असर हो सकता है। अव्हाड ने कहा, जीते हुए विधायकों ने भी कहा कि कहीं न कहीं ईवीएम का बड़ा मसला है। इसके खिलाफ पूरे राज्य में आंदोलन खड़ा हो सकता है।
संविधान दिवस के मौके पर पार्टी के संविधान रक्षक सम्मेलन में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) पर सवाल उठाते हुए बैलेट पेपर से चुनाव की मांग की है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि मैं जो कहना चाह रहा हूं उसे हमारे विपक्ष के नेता राहुल गांधी भी मानते हैं। जितनी भी शक्ति लगाकर एससी-एसटी, ओबीसी, गरीब तबके के लोग, छोटे समुदाय के लोग जो अपना वोट दे रहे हैं वो वोट फिजूल जा रहा है। हमको ईवीएम नहीं चाहिए। बैलेट पेपर से वोटिंग होनी चाहिए।
Updated on:
27 Nov 2024, 8:28 AM IST
Published on:
27 Nov 2024, 8:28 AM IST
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