
Arvind Kejriwal
देश की राजधानी दिल्ली की हवा ना सिर्फ जहीरीली होती जा रही है, बल्कि अब पूरी तरह से राजधानी गैस चैंबर में तब्दील हो चुकी है। दिवाली बाद से दिल्ली और आसपास के इलाकों में लगातार प्रदूषण का लेवल बढ़ता ही जा रहा है और दिल्लीवालों का दम घुटने लगा है। बीते दिनों निर्माण गतिधियां पर भी रोक लगा दी गई है। निर्माण बंद होने से हजारों लोग अचानक बेरोजगार हो गए हैं। इसे देखते हुए दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने बुधवार को एक बड़ी घोषणा की है। केजरीवाल ने ऐसे निर्माण स्थलों पर काम करने वाले मजदूरों को 5000 रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है।
मजदूरों को 5 हजार रुपये प्रतिमाह की आर्थिक मदद
दिल्ली सीएम ने ट्वीट में लिखा कि प्रदूषण को देखते हुए पूरी दिल्ली में निर्माण कार्यों पर पाबंदी लगा दी गई है। अरविंद केजरीवाल ने इस संबंध में श्रम मंत्री मनीष सिसोदिया को निर्देश दिए हैं। सीएम केजरीवाल ने मनीष सिसोदिया से कहा कि निर्माण कार्य दोबारा शुरू होने तक इन मजदूरों को हर महीने 5 हजार रुपये दिए जाएं।
बढ़ते प्रदूषण के बीच दिल्ली सरकार ने लोगों से की यह अपील
दिल्ली सरकार राजधानी में प्रदूषण से बचने और इसके उपाय के तौर पर एक नए प्लान के साथ सामने आई है। दिल्ली सरकार ने वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) के आदेश के बाद ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान के तीसरे चरण के तहत निर्माण और विध्वंस गतिविधियों पर प्रतिबंध लगा दिया है। अब दिल्ली सरकार ने लोगों से घर से काम करने की अपील की है, साथ ही उन्होंने शेयर्ड ट्रांसपोर्ट यूज करने को कहा है।
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पंजाब में पराली जलाने के लिए केंद्र सरकार जिम्मेदार
पंजाब में पराली जलाने से हो रहे वायु प्रदूषण पर राय ने कहा कि इसकी जिम्मेदारी भी केंद्र सरकार की है। पर्यावरण मंत्री ने कह कि केंद्र सरकार पराली जलाने पर नियंत्रण के लिए सरकारी सब्सिडी देती है लेकिन किसान सीधे प्रोत्साहन चाहते हैं। अगर केंद्र ने सहयोग किया होता तो पंजाब में पराली जलाने में 50 फीसदी की कमी आ सकती थी।
Published on:
2 Nov 2022, 1:30 PM IST
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