
पार्सल देने आए डिलीवरी बॉय ने किचन में आग देखकर बचाया डॉक्टर का घर, Screenshot@r/IndianFocus
Doctor Viral Story: डॉक्टर संदेश चाहर ने एक डिलीवरी मैन के बारे में एक भावुक कहानी साझा की, जो उनके घर पार्सल लेकर पहुंचा था, लेकिन वहां उसने देखा कि उनके किचन में आग लगी हुई है। बिना किसी हिचकिचाहट के, वह आग बुझाने में मदद करने के लिए आगे आया और इस तरह उसने उनका घर बचा लिया। बाद में, उन्होंने लिखा कि शायद उन्हें उसका धन्यवाद करने के लिए कभी सही शब्द न मिलें, लेकिन वे उसके साहस और निस्वार्थ भाव को हमेशा याद रखेंगी।
Reddit/IndianFocus पर वायरल हो रहे इस वीडियो के पल हमें याद दिलाते हैं कि इंसानियत की कोई खास वर्दी नहीं होती और नायक हमेशा पहले से बताकर नहीं आते। वीडियो पर लोगों ने अपनी प्रतिक्रिया देते हुए आग लगने की स्थिति में शांत और संयमित रहने का सुझाव दिया। कुछ ने आग लगने के कारण और उस पर काबू पाने के कई उपाय भी शेयर किए।
एक यूजर ने लिखा कि, घटना के दौरान शांत और संयमित प्रतिक्रिया ही ऐसी स्थिति में सबसे जरूरी होती है। दूसरे ने कहा कि, कॉमन सेंस बहुत कम लोगों में होती है। ऐसी आग को ऊपर प्लेट रखकर या गीला कपड़ा डालकर आसानी से बुझाया जा सकता है, जैसा डिलीवरी बॉय ने किया, जबकि ज्यादातर लोग पानी डालने की कोशिश करेंगे, जिससे हालात और बिगड़ जाएंगे।
एक यूजर ने कहा कि, रसोई में आग अक्सर तेल के जलने से लगती है। पानी डालने से जलता हुआ गर्म तेल पूरी रसोई में फैल सकता है। तेल पानी पर तैरता है, इसलिए उसे ऑक्सीजन मिलती रहती है। आग को ईंधन या ऑक्सीजन की सप्लाई रोककर बुझाया जा सकता है। गीला कपड़ा ऑक्सीजन रोकता है, जबकि रेत ईंधन को काटती है। एक यूजर के मुताबिक लपटों को नहीं, बल्कि स्रोत को ढकना जरूरी है, और इस मामले में पैन को ढक देना ही काफी था।
कई मामलों में पानी डालना आग बुझाना नहीं होता। बैटरी की आग पानी में भी जलती रहती है, क्योंकि वह अलग तरह की आग है। बैटरी बुझाना सबसे मुश्किल होता है, इसलिए उसके पास जाने और सांस लेने से बचें। पानी या रेत उसे बुझाते नहीं, बल्कि फैलने से रोकते हैं। इथेनॉल की आग दिखाई नहीं देती, जिससे पता नहीं चलता कि आग कहां लगी है।
एक यूजर ने बताया कि पहला कदम आग के स्रोत को बंद करना है, चाहे वह रसोई का उपकरण हो या बिजली का सिस्टम। इसके बाद अग्निशामक यंत्र का इस्तेमाल लपटों पर नहीं, बल्कि सीधे जलने वाले स्रोत पर करना बेहतर है।
Updated on:
20 Oct 2026 07:19 pm
Published on:
20 Oct 2026 07:19 pm
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