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दिल्ली में CJP के प्रदर्शन पर भड़के बंगाल के मंत्री दिलीप घोष, सोनम वांगचुक पर भी दिया बड़ा बयान

दिल्ली में CJP के प्रदर्शन पर दिलीप घोष ने नेताओं पर निशाना साधा। सोनम वांगचुक के अल्टीमेटम, भूख हड़ताल और विदेशी फंडिंग को लेकर उन्होंने क्या कहा?
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भारत

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Mukul Kumar

•

Oct 11, 2026

Dilip Ghosh West Bengal Politics

पश्चिम बंगाल के मंत्री दिलीप घोष (फोटो- ANI)

पश्चिम बंगाल के मंत्री दिलीप घोष ने दिल्ली में सीजेपी के विरोध प्रदर्शन को लेकर प्रदर्शनकारियों पर निशाना साधा है। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ नेताओं के पास अब कोई काम नहीं बचा है।

उन्होंने कहा कि जनता बार-बार उन्हें नकार चुकी है, लेकिन वे अपनी राजनीतिक पहचान बनाए रखने के लिए अलग-अलग तरीके अपना रहे हैं। घोष ने यह भी दावा किया कि ऐसे नेताओं के दिल्ली आने, खाने-पीने और दूसरी गतिविधियों का खर्च विदेशी संगठनों या दूसरे देशों से मिलने वाली मदद से उठाया जाता है। उन्होंने कहा कि सरकार इस मामले पर नजर रख रही है।

'मीडिया में बने रहने के लिए कर रहे ऐसा'

दिलीप घोष ने यह बयान ऐसे समय दिया है, जब दिल्ली में CJP के प्रदर्शन को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। उन्होंने प्रदर्शनकारियों के मकसद पर सवाल उठाते हुए कहा कि उनका उद्देश्य जनता के मुद्दे उठाने से ज्यादा मीडिया में बने रहना है।

दिलीप घोष के मुताबिक, कुछ राजनीतिक नेताओं को जनता का समर्थन नहीं मिल रहा है। ऐसे में वे अपनी मौजूदगी दर्ज कराने के लिए विरोध प्रदर्शन और हंगामे का सहारा लेते हैं। उन्होंने कहा कि दिल्ली में जुटे इन लोगों का मकसद राजनीतिक रूप से प्रासंगिक बने रहना है।

सोनम वांगचुक के अल्टीमेटम पर भी उठाए सवाल

इस बीच, दिलीप घोष ने सोनम वांगचुक के अल्टीमेटम पर भी अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने भूख हड़ताल जैसे विरोध के तरीकों के इस्तेमाल पर सवाल उठाते हुए कहा कि इसका मकसद नेक और जनहित से जुड़ा होना चाहिए।

घोष ने महात्मा गांधी का उदाहरण देते हुए कहा कि गांधी ने देश की आजादी के लिए भूख हड़ताल का सहारा लिया था। उन्होंने कहा कि भूख हड़ताल जैसे कदमों का इस्तेमाल किसी बड़े उद्देश्य के लिए होना चाहिए, न कि अपनी छवि चमकाने या सरकार के कामकाज में बाधा डालने के लिए। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग ऐसे तरीकों का इस्तेमाल अपने व्यक्तिगत फायदे और राजनीतिक मकसद पूरे करने के लिए करते हैं।

राजनीतिक विरोध और आरोप-प्रत्यारोप के बीच बढ़ी चर्चा

दिलीप घोष के बयान से दिल्ली में चल रहे प्रदर्शन को लेकर राजनीतिक बहस और तेज होने की संभावना है। एक तरफ प्रदर्शनकारी अपने मुद्दों को सामने रखने के लिए विरोध का रास्ता चुन रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ घोष इन प्रदर्शनों के पीछे राजनीतिक मकसद होने का आरोप लगा रहे हैं। हालांकि, उनके बयान में लगाए गए आरोपों और विदेशी फंडिंग के दावे की स्वतंत्र पुष्टि सामने नहीं आई है।