
संबित पात्रा (फोटो - आईएएनएस)
Sambit Patra on SIR Controversy: भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने चुनाव आयोग की मतदाता सूची के स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (SIR) और आयोग के कामकाज के तरीके पर विपक्ष की आलोचना का जवाब दिया है। नई दिल्ली में पार्टी मुख्यालय में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए BJP सांसद डॉ. संबित पात्रा ने चुनाव आयोग के स्पष्टीकरण का हवाला देते हुए विपक्ष के आरोपों को खारिज कर दिया। संबित पात्रा ने कहा कि पूरी SIR प्रक्रिया सभी लोकतांत्रिक और आधिकारिक प्रक्रियाओं का पालन करते हुए तीनों चुनाव आयुक्तों की सहमति से लागू की गई थी। विपक्ष पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि अगर चुनाव आयुक्त आपस में बातचीत नहीं करते हैं, तो विपक्ष इसे तानाशाही कहता है और अगर वे चर्चा करते हैं, तो विपक्ष इसे विवाद बना देता है।
चुनाव आयोग के प्रेस नोट का जिक्र करते हुए संबित पात्रा ने कहा कि आयोग ने अपने बयान की शुरुआत में ही स्थिति स्पष्ट कर दी थी। SIR के बारे में फैसला सभी जरूरी आधिकारिक और लोकतांत्रिक विचार विमर्श के बाद लिया गया। उन्होंने कहा कि तीनों चुनाव आयुक्तों के बीच कोई असहमति या मतभेद नहीं था, बल्कि तीनों सदस्य पूरी तरह एक ही पेज पर थे।
संबित पात्रा ने स्पष्ट किया कि वह चुनाव आयोग के प्रवक्ता बनकर नहीं बोल रहे हैं, बल्कि आयोग द्वारा जारी आधिकारिक प्रेस नोट को पढ़कर देश के सामने सच्चाई रख रहे हैं, जिसे विपक्ष जानबूझकर छिपाने का प्रयास कर रहा है।
कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों पर निशाना साधते हुए संबित पात्रा ने कहा कि 2014 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार बनने के बाद से विपक्षी दल लगातार चुनाव हार रहे हैं। जनता द्वारा बार-बार नकारे जाने के कारण जब विपक्ष को लगा कि वह चुनावी मैदान में जीत हासिल नहीं कर सकता, तो उसने देश की संवैधानिक संस्थाओं की साख गिराने को अपना मुख्य हथियार बना लिया।
संबित पात्रा ने आरोप लगाया कि कांग्रेस पार्टी इन संस्थाओं को बदनाम करने और कमजोर करने का अभियान चला रही है और चुनाव आयोग के बारे में की गई प्रेस कॉन्फ्रेंस इसी नकारात्मक राजनीति का हिस्सा है।
संबित पात्रा ने कहा कि अगर तीनों चुनाव आयुक्तों ने आपस में सलाह-मशविरा न किया होता और हर मुद्दे पर तुरंत सहमत हो गए होते, तो विपक्ष कहता है कि यह सरकार की तानाशाही है और तीनों सदस्य 'गोदी' हैं। लेकिन, अब जब यह बात सामने आई है कि आयुक्तों ने 14 दौर की आधिकारिक बातचीत और विचार-विमर्श किया, तो विपक्ष इसे आपसी मतभेद का नाम का नाम दे रहा है।
Updated on:
23 Sept 2026 04:40 pm
Published on:
23 Sept 2026 04:27 pm
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