23 सितंबर 2026,

बुधवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

EC Rows: भाजपा-EC ने बंगाल चुनाव को लूटा, फिर से इलेक्शन कराई जाए, ममता बनर्जी का बयान

Election Commission controversy: SIR विवाद पर ममता बनर्जी का बड़ा बयान सामने आया है। उन्होंने कहा- भाजपा और चुनाव आयोग ने बंगाल चुनाव को लूटा है।
2 min read
Google source verification

भारत

image

Mukul Kumar

Sep 23, 2026

mamata banerjee news

ममता बनर्जी(फोटो-ANI)

पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने एक अखबार की रिपोर्ट के बाद चुनाव आयोग पर जोरदार हमला बोल दिया है। उन्होंने साफ कहा कि भाजपा और चुनाव आयोग ने बंगाल विधानसभा चुनाव को लूटा है।

ममता ने सबसे कड़ा आरोप मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर लगाया। उन्होंने मांग की कि मुख्य चुनाव आयुक्त को तुरंत गिरफ्तार किया जाए। ममता ने खुलकर कहा कि चुनाव आयोग अब निष्पक्ष नहीं रहा और भाजपा के इशारे पर काम कर रहा है।

पुरानी वोटर लिस्ट से दोबारा मतदान की मांग

ममता ने बंगाल में पुरानी वोटर लिस्ट के आधार पर दोबारा चुनाव कराने की मांग रखी। उन्होंने कहा कि नई लिस्ट में गड़बड़ी की आशंका है और रिपोर्ट में जो बातें सामने आई हैं, वे बहुत गंभीर हैं।

दो चुनाव आयुक्तों ने SIR प्रक्रिया में कई समस्याएं बताई थीं, लेकिन उन पर ध्यान नहीं दिया गया। पूर्व सीएम ने कहा कि यह सिर्फ बंगाल का मुद्दा नहीं है।

पूरे देश में मतदाता सूची को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। उन्होंने INDIA गठबंधन के सहयोगी दलों से जल्द बैठक बुलाने की बात कही। सभी विपक्षी दल मिलकर आगे की रणनीति बनाएंगे।

ज्ञानेश कुमार के हटने तक देशभर में विरोध

ममता बनर्जी ने चेतावनी दी कि जब तक ज्ञानेश कुमार मुख्य चुनाव आयुक्त पद पर रहेंगे, देशभर में विरोध प्रदर्शन चलते रहेंगे। उन्होंने इसे आजादी की नई लड़ाई बताया।

अखबार की रिपोर्ट के मुताबिक SIR से जुड़े कई आदेशों पर आंतरिक असहमति थी। दो आयुक्तों ने इन मुद्दों को फ्लैग किया था। ममता ने इसी रिपोर्ट को आधार बनाकर भाजपा और चुनाव आयोग दोनों पर हमला बोला।

विपक्ष की एकजुटता

ममता ने साफ कहा कि यह लड़ाई सिर्फ बंगाल तक सीमित नहीं रहेगी। INDIA गठबंधन के नेता जल्द मिलेंगे और पूरे देश में आंदोलन का फैसला लेंगे। उन्होंने आम लोगों से अपील की कि वे चुप न रहें क्योंकि मतदाता सूची में गड़बड़ी का सीधा असर लोकतंत्र पर पड़ता है।

बता दें कि अखबार की जिस रिपोर्ट को लेकर हंगामा मचा है, उसमें बताया गया है कि दो चुनाव आयुक्तों ने पूरे देश में चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के कई फैसले और आदेशों पर सवाल उठाए थे।