30 अक्टूबर 2026,

शुक्रवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

शिक्षक भर्ती घोटाला: टीएमसी नेता शांतनु बनर्जी और कुंतल घोष के घर पर ईडी की रेड

बंगाल में शिक्षक भर्ती घोटाले मामले में केंद्रीय जांच एजेंसियों द्वारा लगातार छापेमारी की जा रही है। इस मामले को लेकर प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने हुगली में तृणमूल कांग्रेस के युवा नेता शांतनु बनर्जी और कुंतल घोष के आवास पर छापेमारी की।
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

नई दिल्ली

•

image

Shaitan Prajapat

•

Updated: 20 Jan 2023, 3:20 PM IST

ED

ED

पश्चिम बंगाल में शिक्षक भर्ती घोटाले मामले में केंद्रीय जांच एजेंसियों द्वारा लगातार छापेमारी की जा रही है। ईडी ने शुक्रवार को बंगाल में नौकरी घोटाले में मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपी टीएमसी के युवा नेता कुंतल घोष के फ्लैटों की तलाशी शुरू की। इसके अलावा, टीएमसी युवा नेता कुंतल घोष के न्यूटाउन स्थित आवास पर भी छापेमारी चल रही है। केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) के अधिकारी घोष से पहले भी दो बार पूछताछ कर चुके हैं, जो शिक्षक भर्ती घोटाले में समानांतर जांच कर रहा है। आरोप है कि भर्ती परीक्षा को पास नहीं करने वाले कई लोगों से लाखों रुपये की रिश्वत लेकर टीचर बना दिया गया था जबकि पद के लायक लोगों की अनदेखी कर दी गयी थी।


केंद्रीय सशस्त्र बलों की सहायता से ईडी के अधिकारियों ने उज्जल में घोष के दो फ्लैटों पर छापा मारा। न्यू टाउन थाना क्षेत्र के पॉश इलाके चिनार पार्क में तलाशी चल रही थी, तभी रिपोर्ट आई। घोष टीएमसी की हुगली जिले की युवा शाखा के नेता हैं, उन पर धन इकट्ठा करने का आरोप लगाया गया है। एक अन्य आरोपी तपन मोंडल के सीबीआई को दिए बयान के अनुसार, 2014-2021 के बीच नौकरी चाहने वालों से 19.5 करोड़ रुपये रुपए थे।


ईडी की छापेमारी एक दिन बाद हुई जब सीबीआई ने बुधवार और गुरुवार को लगातार दो दिनों तक घोष से पूछताछ की थी। जांच एजेंसी ने अपने कार्यालय में बुलाकर कई प्रकार के सवाल पूछे। कुल मिलाकर जॉब घोटाले में मनी ट्रेल्स की तलाश में प्रवर्तन निदेशालय छापेमारी कर रहा है।


जांच रिपोर्ट के अनुसार, टीएमसी नेताओं द्वारा कथित तौर पर 100 करोड़ रुपये से अधिक की वसूल की गई थी। इसके अलावा आरोपियों ने शिक्षकों के स्थानांतरण, पोस्टिंग आदि में भी शिक्षकों से मोटी वसूली की है। यह मामला बंगाल में निजी स्कूल संचालक संघ के अध्यक्ष तापस मंडल ने उठाया था। राज्य भर में राज्य सरकार से सहायता प्राप्त स्कूलों में शिक्षकों और कर्मचारियों के रूप में नियोजित करने के लिए 2014 से 2021 तक यह रकम इकट्ठी की गई।

बड़ी खबरें

View All

राष्ट्रीय

ट्रेंडिंग