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मीनाक्षी शिंदे को दोहरा झटका, पहले देना पड़ा इस्तीफा, अब शिवसेना के पार्षदों ने भी बनाई दूरी, टेंभी नाका पर नहीं जुटे नेता

Meenakshi Shinde: ठाणे में प्रदीप पूर्णेकर हत्याकांड को लेकर मीनाक्षी शिंदे की मुश्किलें बढ़ गई हैं। पद से इस्तीफे के बाद अब पार्टी के कई पार्षदों ने भी उनसे दूरी बना ली है।
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मुंबई

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Rakesh Mishra

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Updated: 30 Oct 2026, 3:32 PM IST

Meenakshi Shinde

एकनाथ शिंदे गुट की नेता मीनाक्षी शिंदे। फाइल फोटो- पत्रिका

Eknath Shinde: ठाणे में ठाकरे गुट के विभाग प्रमुख प्रदीप पूर्णेकर की हत्या के मामले में विवादों में आईं एकनाथ शिंदे गुट की नेता मीनाक्षी शिंदे की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। पार्टी के अंदर बढ़ते विरोध के बीच उन्हें ठाणे जिला महिला आघाड़ी के प्रमुख पद से इस्तीफा देना पड़ा। इसके बाद अब पार्टी के कई पार्षदों ने भी उनसे दूरी बना ली है। इसका असर टेंभी नाका पर भी दिखाई दिया, जहां आदित्य ठाकरे और संजय राउत के ठाणे पहुंचने के दौरान शिंदे गुट ने अपने पार्षदों को जुटने के निर्देश दिए थे, लेकिन कुछ पार्षदों को छोड़कर ज्यादातर वहां नहीं पहुंचे।

एकनाथ शिंदे पर गंभीर आरोप लगाए

दरअसल शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के नेता आदित्य ठाकरे और संजय राउत प्रदीप पूर्णेकर के परिवार से मिलने उनके घर पहुंचे थे। इससे एक दिन पहले पूर्णेकर के समर्थकों ने नौपाड़ा पुलिस थाने और घोड़बंदर रोड पर प्रदर्शन किया था। इस दौरान पूर्णेकर के परिवार ने उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे पर गंभीर आरोप लगाए थे। इसके बाद ठाणे का राजनीतिक माहौल गरमा गया। आदित्य ठाकरे और संजय राउत के ठाणे आने की जानकारी मिलने पर शिंदे गुट ने अपने सभी पार्षदों को टेंभी नाका पहुंचने के निर्देश दिए थे। हालांकि इस दौरान कुछ पार्षद ही वहां पहुंचे। कल्याण, डोंबिवली और मुंबई के कुछ पार्षद जरूर मौजूद थे, लेकिन ठाणे के कई पार्षदों ने वहां जाने से दूरी बनाए रखी।

पार्षदों में मीनाक्षी शिंदे को लेकर नाराजगी

सूत्रों के मुताबिक, पार्टी के कुछ पार्षदों का कहना है कि वे एकनाथ शिंदे के लिए कहीं भी पहुंचेंगे, लेकिन मीनाक्षी शिंदे के समर्थन में नहीं आएंगे। कुछ पार्षदों ने निजी बातचीत में यह नाराजगी भी जताई कि मीनाक्षी शिंदे पर गंभीर आरोप लगने के बाद उन्हें खुद ही पद से इस्तीफा दे देना चाहिए था। पार्टी की छवि खराब होने के बाद इस्तीफा देने का क्या मतलब है। बताया जा रहा है कि इसी नाराजगी के चलते कई पार्षद टेंभी नाका नहीं पहुंचे। मीनाक्षी शिंदे को पहले ही पार्टी के अंदर विरोध का सामना करना पड़ रहा था। दबाव बढ़ने के बाद उन्हें ठाणे जिला महिला आघाड़ी के प्रमुख पद से इस्तीफा देना पड़ा। अब इस मामले में वह जल्द ही मीडिया के सामने अपना पक्ष रख सकती हैं।

आदित्य ठाकरे के दौरे के बाद मारपीट का आरोप

इस पूरे विवाद के बीच प्रदीप पूर्णेकर के परिवार ने एक और गंभीर आरोप लगाया है। परिवार का कहना है कि गुरुवार को आदित्य ठाकरे के ठाणे दौरे के दौरान वहां मौजूद शिवसैनिकों को बाद में तलाश कर पीटा गया। शुक्रवार को पूर्णेकर के परिजन राम पूर्णेकर मारपीट में घायल युवकों को लेकर कापूरबावड़ी पुलिस थाने पहुंचे। राम पूर्णेकर ने आरोप लगाया कि आदित्य ठाकरे के दौरे के दौरान जो लोग वहां मौजूद थे, उन्हें बाद में ढूंढ-ढूंढकर पीटा गया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि प्रदर्शन में शामिल युवकों को निर्वस्त्र कर उनके साथ मारपीट की गई। घायल युवकों को साथ लेकर वे पुलिस थाने पहुंचे और मामले में कार्रवाई की मांग की।

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