
महाराष्ट्र में मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली महायुति सरकार ने अपने दो साल पूरे कर लिए हैं। वहीं, राज्य सरकार को सितंबर-अक्टूबर में होने वाले विधानसभा चुनाव में बड़ी चुनौती का सामना करना पड़ सकता है। वहीं, शिंदे और उनके सहयोगी लोकसभा की हार को दोहराने से इनकार कर रहे हैं। लेकिन, विपक्ष सत्तारूढ़ सहयोगियों के बीच बढ़ती बेचैनी का फायदा उठाते हुए महायुति को घेरने की तैयारी कर रहा है। बता दें कि हाल में ही संपन्न हुए आम चुनावों में महायुति के सहयोगियों को बड़ा झटका लगा।
सभी के बेहतरी के लिए कर रहे काम-सीएम शिंदे
लोकसभा चुनावों में निराशाजनक प्रदर्शन से विचलित हुए बिना मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे महाराष्ट्र के परिवर्तन और समाज के सभी वर्गों की बेहतरी के लिए राज्य सरकार की पहलों को प्रभावी ढंग से पेश करके चुनौतियों को अवसर में बदलने के लिए आश्वस्त हैं। मुख्यमंत्री शिंदे ने कहा, "लोकसभा में हार विपक्ष की ओर से फैलाए गए झूठे बयानों के कारण हुई, लेकिन महाराष्ट्र के लोग विधानसभा चुनाव के दौरान इस पर विश्वास नहीं करेंगे।
वे महायुति को काम के आधार पर एक और मौका देंगे। किसी भी सरकार के प्रदर्शन का विश्लेषण करने के लिए दो साल पर्याप्त नहीं होते हैं। लेकिन विभिन्न फैसलों के आधार पर यह साफ है कि इस सरकार ने न केवल बुनियादी ढांचे के विकास को तेज किया है, बल्कि लोगों को यह विश्वास दिलाने में भी सफल रही है कि यह कमजोर वर्गों, महिलाओं, युवाओं, किसानों और मजदूरों की सरकार है।"
हम मिलकर जनहित के काम कर रहे-शिंदे
सीएम ने कहा कि राज्य की जनता के प्यार, शिव सैनिकों के समर्थन और महागठबंधन में शामिल दलों के बीच बेहतर तालमेल की वजह से जनहित के सैकड़ों काम हो रहे हैं। राज्य के किसान, मजदूर, महिला, बुजुर्ग और युवाओं के चेहरे पर संतोष की मुस्कान देखी जा सकती है। हमें इस बात का गर्व है कि राज्य की जनता ने भी हमारे निर्णयों पर विश्वास जताते हुए समर्थन किया। हम इसके साथ बनी जिम्मेदारी को भी समझते हैं।
Updated on:
30 Jun 2024 06:18 pm
Published on:
30 Jun 2024 06:18 pm
