13 अक्टूबर 2026,

मंगलवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

PF ट्रस्ट्स को राहत: EPF स्कीम 2026 में एम्नेस्टी का एक बार का मौका,छूट का स्टेटस रेगुलर करने की अंतरिम व्यवस्था

EPF Scheme 2026: श्रम मंत्रालय के अनुसार EPF स्कीम 2026 में PF ट्रस्ट्स को एम्नेस्टी का मौका मिला है। जानें कौन पात्र है और EPFO ने कैसे शुरू किया जागरूकता अभियान।
2 min read
Google source verification
Ministry of Labour and Employment

EPFO का देशव्यापी अभियान: PF ट्रस्ट्स को नियमित होने का सुनहरा अवसर, Photo Source@ChatGpt

EPF Amnesty Scheme: श्रम और रोजगार मंत्रालय ने बीते 29 जून को नोटिफाई की गई एम्प्लॉईज प्रोविडेंट फंड (EPF) स्कीम 2026 में एक अंतरिम उपाय के तौर पर माफी (एम्नेस्टी) के प्रावधान शामिल किए गए हैं। इन प्रावधानों का उद्देश्य प्रोविडेंट फंड (PF) ट्रस्ट्स को अपने छूट वाले स्टेटस को रेगुलर करने का एक बार का मौका देना है।

यह सुविधा उन PF ट्रस्ट्स के लिए है, जिन्हें इनकम टैक्स एक्ट, 1961 (1961 का 43) के तहत मान्यता मिली हुई है, लेकिन जिनके पास औपचारिक छूट का आदेश नहीं है। यह आदेश एम्प्लॉईज प्रोविडेंट फंड्स एंड मिसलेनियस प्रोविजन्स (EPF&MP) एक्ट, 1952 की धारा 17 या कोड ऑन सोशल सिक्योरिटी (CoSS), 2020 की धारा 143 के तहत दिया जाता है। ऐसे ट्रस्ट अब इस माफी योजना के जरिए अपनी स्थिति नियमित करा सकते हैं।

क्यों अहम है यह कदम?

एम्नेस्टी का यह प्रावधान अंतरिम और एक बार का है, इसलिए पात्र ट्रस्ट्स के लिए इसका समय पर लाभ उठाना जरूरी माना जा रहा है। छूट का औपचारिक आदेश न होने के कारण जिन ट्रस्ट्स की स्थिति अस्पष्ट बनी हुई थी, उन्हें अब नियमित होने का स्पष्ट रास्ता मिला है। EPFO का यह व्यापक जागरूकता अभियान इसी उद्देश्य से चलाया जा रहा है कि कोई भी योग्य PF ट्रस्ट इस अवसर से चूक न जाए।

EPFO ने देशभर में चलाया जागरूकता अभियान

योजना की जानकारी अधिकतम लोगों तक पहुंचाने के लिए EPFO ने पूरे देश में कई तरह के बड़े अभियान शुरू किए हैं। इसी कड़ी में प्रमुख इंडस्ट्री और मार्केट संस्थाओं के साथ रणनीतिक बैठकें और सेमिनार आयोजित किए गए हैं। इनमें कॉन्फेडरेशन ऑफ़ इंडियन इंडस्ट्री (CII), इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया (ICAI) और बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) शामिल हैं।

योग्य PF ट्रस्ट की पहचान करने और उनकी मदद करने के लिए खास तौर पर चार्टर्ड अकाउंटेंट्स और वैधानिक ऑडिटर्स को इस मुहिम से जोड़ा गया है, ताकि पात्र ट्रस्ट्स इस मौके से वंचित न रह जाएं।

जमीनी स्तर पर सीधा संवाद

पूरे भारत में EPFO के जोनल और रीजनल ऑफिस ने स्थानीय प्रतिष्ठानों, नियोक्ताओं और ट्रस्ट के सदस्यों से सीधे जुड़ने के लिए देशव्यापी सेमिनार और वर्कशॉप आयोजित किए हैं। इससे नियोक्ताओं और ट्रस्ट सदस्यों को योजना के प्रावधानों की जानकारी सीधे मिल सकी है और उन्हें अपनी शंकाओं के समाधान का अवसर भी मिला।

इन आयोजनों को मल्टी-मीडिया अभियानों, सोशल मीडिया आउटरीच और इन्फोग्राफिक्स का भी सहयोग मिला है। ये इन्फोग्राफिक्स प्रक्रिया से जुड़े नियमों को आसान बनाकर पेश करते हैं, ताकि आम नियोक्ता और ट्रस्ट सदस्य भी जटिल प्रक्रिया को आसानी से समझ सकें।