
Haldwani Violence: उत्तराखंड के हल्द्वानी में गुरुवार को हुई हिंसा में अब तक 5 लोगों की जान जा चुकी है। वहीं, 3 लोगों की हालत गंभीर बताई जा रही है। DGP अभिनव कुमार ने शुक्रवार को इसकी पुष्टि की है। DGP अभिनव कुमार ने हल्द्वानी के ताजा हालातों के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि हिंसा को लेकर 3 FIR दर्ज की हैं। इस मामले में अब तक 3 उपद्रवियों को गिरफ्तार भी कर लिया है। इसके अलावा 20 की पहचान हुई है। जल्द ही उन्हें भी गिरफ्तार कर कर लिया जाएगा। डीजीपी अभिनव कुमार ने कहा कि यह एक साजिश है। उन्होंने आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की बात कहते हुए एनएसए लगाने के लिए कहा है।
10 कंपनी पैरामिलिट्री फोर्स और 6 कंपनी PAC की तैनाती
उत्तराखंड के डीजीपी अभिनव कुमार ने बताया कि मरने वालों की संख्या पांच हो गई है। पुलिस ने पहले कहा था कि उन्हें आत्मरक्षा में गोली चलाने के लिए मजबूर किया गया था। जिले में कर्फ्यू और भारी पुलिस तैनाती जारी है। डीजीपी ने बताया कि मौजूदा हालात को देखते हुए 10 कंपनी पैरामिलिट्री फोर्स और 6 कंपनी PAC की तैनात की गई है। इस हिंसा में 100 पुलिसकर्मी समेत 139 लोग घायल हैं।
अफसरों को जिंदा जलाने की कोशिश : DM का दावा
डीजीपी अभिनव कुमार से पहले नैनीताल की डीएम वंदना सिंह ने कहा कि कोर्ट के आदेश पर नगर निगम की टीम अवैध अतिक्रमण के खिलाफ अभियान चला रही थी तो अधिकारियों को जिंदा चलाने की कोशिश की गई। डीएम ने कहा कि भीड़ ने पेट्रोल बम फेंके। इसके बाद आगजनी की घटनाएं शुरू हुईं। टीमें पीछे नहीं हटीं तो भीड़ ने थाने का घेराव कर लिया। इस दौरान थाने में मजिस्ट्रेट और पुलिसकर्मी मौजूद थे। थाने में बैठे लोगों को बाहर नहीं निकलने दिया गया। पहले पथराव किया गया और फिर पेट्रोल बम फेंके गए। वाहनों में आग लगा दी गई। जब भीड़ नहीं हटीं तो फायरिंग करनी पड़ी।
सीएम ने दिया देखते ही गोली मारने के आदेश
बनभूलपुरा इलाके में कथित तौर पर नजूल भूमि पर एक मस्जिद और एक मदरसा खड़ा था, गुरुवार को प्रशासन उसको गिरने गया तो हिंसा भड़क गई थी। पथराव, कारों में आग लगाने और एक पुलिस स्टेशन को घेरने के बाद उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर धामी ने देखते ही गोली मारने के आदेश जारी किए थे।
Published on:
9 Feb 2024, 5:27 PM IST
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