जस्टिस डॉ रविरंजन व जस्टिस सुजीत नारायण प्रसाद की खंडपीठ ने झारखंड सरकार की उन दलीलों को खारिज कर दिया, जिनमें इस याचिका को निरस्त करने की मांग की गई थी। बता दें, मुख्यमंत्री और राज्य सरकार मामले को खारिज कराने के लिए हाईकोर्ट पहुंचे थे। हाईकोर्ट ने अपनी व्यवस्था में कहा था कि पहले हाईकोर्ट विचार करेगा कि याचिका सुनवाई योग्य है या नहीं।