8 अक्टूबर 2026,

गुरुवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

गैंगस्टर काला जठेड़ी को कोर्ट से बड़ी राहत, पुलिस टीम पर फायरिंग से जुड़े हत्या के प्रयास के मामले में हुआ आरोपमुक्त

दिल्ली की द्वारका जिला अदालत ने गैंगस्टर संदीप उर्फ काला जठेड़ी को पुलिस टीम पर फायरिंग से जुड़े हत्या के प्रयास के मामले में आरोपमुक्त कर दिया है।
2 min read
Google source verification

भारत

•

image

kamlesh sharma

•

Oct 08, 2026

Kala Jatheri

Kala Jatheri (File Photo-ANI)

नई दिल्ली। दिल्ली की द्वारका जिला अदालत ने गैंगस्टर संदीप उर्फ काला जठेड़ी को पुलिस टीम पर फायरिंग से जुड़े हत्या के प्रयास के मामले में आरोपमुक्त कर दिया है। कोर्ट ने कहा कि काला जठेड़ी के खिलाफ सह-आरोपियों के खुलासे वाले बयानों के अलावा कोई स्वतंत्र साक्ष्य सामने नहीं आया है। हालांकि, अदालत ने मामले में शामिल चार अन्य आरोपियों के खिलाफ अलग-अलग धाराओं में आरोप तय किए हैं। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश रविंदर सिंह ने काला जठेड़ी को आरोपमुक्त करने का आदेश दिया। अदालत ने कहा कि सह-आरोपियों के केवल खुलासे वाले बयान, बिना किसी बरामदगी या स्वतंत्र पुष्टि के, काला जठेड़ी के खिलाफ प्रथम दृष्टया आरोप तय करने के लिए पर्याप्त नहीं हैं।

हथियार बरामद नहीं, मौके पर कोई भूमिका भी नहीं मिली

कोर्ट ने कहा कि काला जठेड़ी को मामले में सह-आरोपियों के बयानों के आधार पर जोड़ा गया था। इन बयानों में उसे गिरोह का सरगना बताते हुए आरोप लगाया गया था कि उसने घटना को अंजाम देने के निर्देश दिए थे। कोर्ट ने कहा कि काला जठेड़ी के पास से इस मामले में कोई हथियार या कारतूस बरामद नहीं हुआ। घटना स्थल पर उसकी कोई प्रत्यक्ष भूमिका भी सामने नहीं आई। इसके अलावा, उसे घटना या कथित साजिश से जोड़ने के लिए कोई स्वतंत्र गवाह, इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य, दूरभाष विवरण, निगरानी में दर्ज बातचीत या अन्य स्वीकार्य साक्ष्य भी रिकॉर्ड पर नहीं रखा गया।

चार आरोपियों पर आरोप तय

कोर्ट ने विक्की उर्फ वीरा उर्फ मोटा और नरेंद्र उर्फ बंटा के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 186, 353, 307 और 34 तथा शस्त्र अधिनियम की धारा 25/27 के तहत आरोप तय किए हैं। वहीं, मनप्रीत उर्फ गोलू के खिलाफ शस्त्र अधिनियम की धारा 25 और कृष्ण के खिलाफ भी शस्त्र अधिनियम की धारा 25 के तहत आरोप तय किए गए हैं। अदालत ने कहा कि इन आरोपियों के खिलाफ आरोप तय करने के लिए पर्याप्त सामग्री मौजूद है।

क्या था मामला

अभियोजन पक्ष के अनुसार, 5 अगस्त 2023 की रात करीब 12.25 बजे बामनौली इलाके में पुलिस टीम ने बैरिकेड पर मोटरसाइकिल सवार दो लोगों को आते देखा। पुलिस ने उन्हें रुकने का इशारा किया, लेकिन उन्होंने कथित तौर पर भागने की कोशिश की। पुलिस टीम ने उन्हें रोक लिया। आरोप है कि मोटरसाइकिल पर पीछे बैठे व्यक्ति ने उपनिरीक्षक सचिन गुलिया पर जान से मारने की नीयत से गोली चलाई। इसके जवाब में गुलिया ने आत्मरक्षा में गोली चलाई। मोटरसाइकिल सवार ने सिपाही धीरज की ओर भी गोली चलाने का प्रयास किया, लेकिन पिस्तौल नहीं चली। इसके बाद सिपाही धीरज ने आत्मरक्षा में एक गोली चलाई।

मौके पर दोनों आरोपियों को पकड़ लिया गया था। उनकी पहचान विक्की उर्फ वीरा उर्फ मोटा और नरेंद्र उर्फ बंटा के रूप में हुई। पुलिस ने उनके कब्जे से दो पिस्तौल और जिंदा कारतूस बरामद करने का दावा किया था। दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने दोनों की गिरफ्तारी के बाद वर्ष 2023 में मामला दर्ज किया था। जांच के दौरान अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार किया गया। काला जठेड़ी की ओर से अधिवक्ता सात्विक ने पैरवी की और आरोपमुक्त करने की अर्जी दाखिल की थी, जिसे अदालत ने स्वीकार करते हुए उसे मामले से आरोपमुक्त कर दिया।