
Kolkata Durga Puja Stampede : दुर्गा पूजा पंडाल हादसे पर रामचंदर राव ने जताया दुख, दोषियों पर कार्रवाई की मांग (फोटो सोर्स: ANI)
Kolkata Durga Puja Stampede: पश्चिम बंगाल के कोलकाता में दुर्गा पूजा पंडाल में हुई भीषण भगदड़ ने पूरे देश को शोक में डुबो दिया है। इस हादसे में करीब 19 श्रद्धालुओं की जान चली गई और कई घायल हुए। तेलंगाना भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष एन. रामचंदर राव ने इस त्रासदी पर गहरा दुख व्यक्त किया। उन्होंने मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना जताई और कहा कि सरकार पूरी जांच कर दोषियों पर कार्रवाई करे। साथ ही उन्होंने कुछ नेताओं के बयानों पर तीखा हमला बोलते हुए भारत की लोकतांत्रिक मजबूती का जिक्र किया।
एएनआई के अनुसार, हैदराबाद में पत्रकारों से बात करते हुए एन. रामचंदर राव ने कहा कि कोलकाता की यह घटना बेहद दुखद है। उन्होंने शोक संतप्त परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की। राव ने जोर देकर कहा कि सरकार इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच जरूर कराएगी। जिम्मेदार लोगों पर जवाबदेही तय की जाएगी और उचित कार्रवाई होगी। उन्होंने पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी के बयान का हवाला देते हुए बताया कि सभी इस घटना को लेकर चिंतित हैं। सही जांच हो और दोषियों पर सख्त कदम उठाए जाएं।
रामचंदर राव ने आगे कुछ संगठनों और नेताओं पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि सीजेपी और कुछ नेता बांग्लादेश जैसी व्यवस्था परिवर्तन की बात कर रहे हैं। लेकिन उन्हें याद रखना चाहिए कि भारत बांग्लादेश नहीं है। यहां लोकतंत्र की जड़ें बहुत गहरी और मजबूत हैं। देश के लोग इन लोगों के व्यवहार को ध्यान से देख रहे हैं। उन्होंने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर भी आरोप लगाया कि वे गैर-जिम्मेदाराना तरीके से बयानबाजी कर रहे हैं। लोगों को गुमराह कर रहे हैं और अपने बयानों तथा कार्यों से देश में अराजकता फैलाने की कोशिश कर रहे हैं।
कोलकाता के चोरबागान सर्वजनिन दुर्गा पूजा पंडाल में शनिवार शाम को यह हादसा हुआ। महा सप्तमी के दिन भारी बारिश और भीड़ के कारण भगदड़ मच गई। पंडाल के निकास द्वार पर अचानक दबाव बढ़ने से कई लोग कुचल गए। रिपोर्टों के मुताबिक ज्यादातर मृतक महिलाएं और बच्चे थे। एक सात वर्षीय बच्चा भी शामिल है। पश्चिम बंगाल सरकार ने हाईकोर्ट के जज की अध्यक्षता में एसआईटी गठित की है। पंडाल आयोजकों सहित 12 लोगों को हिरासत में लिया गया है। मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने मृतकों के परिवारों को 25 लाख रुपये मुआवजा और एक सरकारी नौकरी देने की घोषणा की। घायलों को पांच लाख रुपये दिए जाएंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी पीएम राहत कोष से दो लाख रुपये मुआवजे का ऐलान किया।
यह घटना फिर याद दिलाती है कि बड़े धार्मिक आयोजनों में भीड़ प्रबंधन कितना जरूरी है। पहले भी कई जगहों पर ऐसी दुर्घटनाएं हो चुकी हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि संकरी गलियां, अपर्याप्त निकास मार्ग और अचानक मौसम बदलाव से स्थिति बिगड़ती है। राज्य सरकार ने सभी पंडालों में सुरक्षा ऑडिट का आदेश दिया है। तेलंगाना भाजपा प्रमुख के बयान से साफ है कि राजनीतिक दलों को ऐसी त्रासदियों को राजनीतिक रंग देने से बचना चाहिए। देश को एकजुट रहकर पीड़ितों की मदद करनी चाहिए। एएनआई से मिली जानकारी पर आधारित यह रिपोर्ट बताती है कि जांच रिपोर्ट आने तक सबको संयम रखना होगा।
Updated on:
18 Oct 2026 10:41 am
Published on:
18 Oct 2026 10:17 am
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