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Krupa Alva expelled: कौन हैं कृपा अल्वा? जिन्हें कांग्रेस ने 6 साल के लिए पार्टी से निकाला, स्टिंग विवाद से क्या है कनेक्शन

KPCC Krupa Alva: कृपा अल्वा को कर्नाटक कांग्रेस ने स्टिंग ऑपरेशन विवाद में 6 साल के लिए पार्टी से निकाला। सिद्धरामैया वीडियो मामले में पुलिस जांच जारी है।
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भारत

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Pushpankar Piyush

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Updated: 31 Oct 2026, 1:42 PM IST

KPCC Krupa Alva

कृपा अल्वा (फोटो- IANS)

Krupa Alva expelled from Congress: कर्नाटक प्रदेश कांग्रेस कमेटी (KPCC) ने शनिवार को पार्टी की पूर्व महासचिव कृपा अल्वा को राज्य के कांग्रेस नेताओं को निशाना बनाने वाले एक कथित स्टिंग ऑपरेशन में उनकी कथित संलिप्तता के आरोप में छह साल के लिए पार्टी से निष्कासित कर दिया। KPCC उपाध्यक्ष एम. नारायणस्वामी की ओर से जारी आदेश के अनुसार यह निष्कासन तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है।

पार्टी बोली- हमें कृपा अल्वा के कारण शर्मिंदगी का सामना करना पड़ा

कांग्रेस पार्टी ने कहा कि कृपा अल्वा के कारण पार्टी को शर्मिंदगी का सामना करना पड़ा। वह बीते कुछ समय से पार्टी विरोधी गतिविधि में भी शामिल रही हैं। पार्टी ने प्रेस नोट जारी करके बताया कि स्टिंग ऑपरेशन विवाद मामले में कृपा अल्वा का साफ तौर पर नाम आया है। यह आचरण पार्टी-विरोधी गतिविधि की श्रेणी में आता है। इसलिए कर्नाटक प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष के निर्देश पर उन्हें पार्टी से 6 साल के लिए बाहर निकाला गया है। पार्टी ने कहा कि अल्वा को पहले कारण बताओ नोटिस जारी कर आरोपों पर स्पष्टीकरण मांगा गया था, लेकिन पार्टी का कहना है कि उन्होंने अब तक कोई जवाब नहीं दिया।

सिद्धारमैया ने स्टिंग वीडियो के पीछे अल्वा का नाम लिया था

गौरतलब बात यह है कि यह कार्रवाई ऐसे समय हुई है जब कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धरामैया को निशाना बनाने वाले एक कथित वीडियो की पुलिस जांच जारी है। सिद्धारमैया ने कहा था कि कथित स्टिंग वीडियो के पीछ अल्वा थी। बेंगलुरु पुलिस ने गुरुवार को कहा कि वीडियो में दिखाया गया यौन शोषण का आरोप गढ़ी गई और सोच-समझकर तैयार की गई कहानी का हिस्सा है। वीडियो में दिख रहे लोगों के बयान और अब तक के साक्ष्य आरोपों की पुष्टि नहीं करते। रिकॉर्डिंग में वीडियो में उल्लिखित व्यक्तियों के बारे में लगाए गए या संकेतित आरोप प्रथम दृष्टया झूठे और मनगढ़ंत हैं।

मूल मोबाइल फोन को ढूंढकर जब्त कर लिया गया है: पुलिस

मामले की जांच कर रही पुलिस टीम ने बताया कि वीडियो रिकॉर्ड करने में कथित रूप से इस्तेमाल किया गया मूल मोबाइल फोन ढूंढकर बरामद और जब्त कर लिया गया है। उसे फोरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है और रिपोर्ट का इंतजार है। पुलिस के मुताबिक वीडियो कथित तौर पर 2023 में रिकॉर्ड किया गया था और 2011 की एक घटना से जुड़ा बताया गया है। जांचकर्ता यह पता लगा रहे हैं कि रिकॉर्डिंग के साथ छेड़छाड़ की गई थी या नहीं। साथ ही सितंबर-अक्टूबर 2026 में सोशल मीडिया पर आने से पहले उसके प्रसार की कड़ियां भी खंगाली जा रही हैं।

पुलिस ने यह भी बताया कि वीडियो को VPN, छिपे हुए IP एड्रेस और फर्जी फोन नंबरों के जरिए गुमनाम अकाउंट से अपलोड किया गया था। यूट्यूब अपलोड से कथित तौर पर जुड़ा एक मोबाइल फोन दिल्ली में पुराने और रिफर्बिश्ड उपकरणों की एक दुकान तक ट्रेस किया गया है।

क्या है कृपा अल्वा की राजनीतिक पृष्ठभूमि

कृपा अमर अल्वा कर्नाटक के तटीय क्षेत्र दक्षिण कन्नड़ (मंगलुरु) से आती हैं। वे 2015 से 2018 तक, सिद्धरामैया के पहले मुख्यमंत्री कार्यकाल के दौरान, कर्नाटक राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष रहीं। इसके बाद उन्होंने कर्नाटक प्रदेश कांग्रेस कमेटी (KPCC) में कई संगठनात्मक पद संभाले और महासचिव भी रहीं। बीते कुछ समय से उनका सिद्धारमैया के साथ चल रहा विवाद सियासी गलियारों में चर्चा का विषय बना हुआ था।