
प्रतीकात्मक तस्वीर
Maharashtra Farmers News: महाराष्ट्र में किसान कर्जमाफी योजना के तहत 4 लाख 15 हजार किसानों को राहत देने की तैयारी है। सरकार ने योजना की चौथी सूची जारी कर दी है। इससे पहले तीसरी सूची में 3 लाख 51 हजार 192 किसानों को शामिल किया गया था। सरकार का कहना है कि पात्र किसानों को दिवाली से पहले योजना का लाभ देने की प्रक्रिया तेज की जा रही है। राज्य सरकार के अनुसार कर्जमाफी के लिए 4 लाख 15 हजार किसानों से जुड़ा करीब 4 हजार करोड़ रुपए का प्रस्ताव सहकारिता विभाग ने वित्त विभाग को भेजा है।
योजना के तहत अब तक 15 लाख 85 हजार 493 किसानों को कर्जमाफी का लाभ दिया जा चुका है। इनमें सबसे ज्यादा 6 लाख 27 हजार किसान मराठवाड़ा क्षेत्र के हैं। महाराष्ट्र सरकार अब तक इस योजना के तहत किसानों के खातों में 13 हजार 275 करोड़ रुपए दे चुकी है। योजना के तहत दो लाख रुपए तक के बकाया फसल कर्ज को माफ करने का प्रावधान है। इसमें पुनर्गठित और दोबारा पुनर्गठित कर्ज भी शामिल हैं। नियमों के अनुसार 1 अप्रेल 2019 से 31 मार्च 2025 के बीच दिए गए वे फसल कर्ज शामिल हैं, जो 30 सितंबर 2025 तक बकाया थे और 31 मार्च 2026 तक चुकाए नहीं गए थे। सरकार ने 1 अप्रेल 2026 से आगे के ब्याज और अन्य खर्च भी माफ करने की बात कही है।
सरकारी सूत्रों के अनुसार करीब 4 लाख 82 हजार किसानों की केवाईसी प्रक्रिया अभी बाकी है। जिन किसानों ने केवाईसी पूरी कर ली है, लेकिन उन्हें अब तक कर्जमाफी का लाभ नहीं मिला है, उन्हें भी दिवाली से पहले राहत मिलने की उम्मीद है। सरकार ने पात्र किसानों से अपने कर्ज खाते की बकाया राशि की जांच करने और नजदीकी सेवा केंद्र पर जाकर आधार प्रमाणीकरण पूरा कराने की अपील की है। इससे कर्जमाफी का लाभ मिलने में आसानी होगी।
महाराष्ट्र सरकार ने सूखे से प्रभावित किसानों को भी राहत देने का फैसला किया है। करीब डेढ़ करोड़ किसानों को 5 हजार रुपए की अग्रिम सहायता देने की तैयारी है। इस मद में कुल 7,500 करोड़ रुपए खर्च होने का अनुमान है। किसानों के खातों में इसी सप्ताह राशि जमा होने की जानकारी सामने आई है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने बैंकों को यह सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए हैं कि सहायता राशि किसानों के कर्ज की वसूली में नहीं काटी जाए। इससे सूखे की मार झेल रहे किसानों को राहत मिलने की उम्मीद है।
मंत्रिमंडल की बैठक में वित्त कंपनियों की ओर से कर्जदार किसानों पर भुगतान के लिए दबाव बनाने का मुद्दा भी उठा। सरकार ने ऐसी शिकायतों पर सख्ती बरतने और किसानों को परेशान करने वाली वित्त कंपनियों के खिलाफ मामला दर्ज करने के निर्देश दिए हैं। सूखे के कारण आर्थिक संकट झेल रहे किसानों को राहत देने के लिए सरकार ने यह कदम उठाया है।
Updated on:
27 Oct 2026, 2:56 PM IST
Published on:
27 Oct 2026, 2:56 PM IST
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