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Undeclared Emergency India: ‘अघोषित आपातकाल’ का आरोप लगा मल्लिकार्जुन खरगे ने केंद्र को घेरा, राहुल गांधी के साथ करेंगे CJI से मुलाकात

मल्लिकार्जुन खड़गे और राहुल गांधी CJI से मुलाकात करेंगे। खड़गे ने केंद्र सरकार पर लगाए गंभीर आरोप और 32 हजार पुलिसकर्मियों की तैनाती पर सवाल उठाए।
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भारत

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Manoj Vashisth

•

Oct 11, 2026

Mallikarjun Kharge, Rahul Gandhi CJI Meeting

Kharge and Rahul Gandhi : 32 हजार पुलिसकर्मियों की तैनाती पर खरगे ने उठाए सवाल, CJI से मिलने का ऐलान (फोटो सोर्स: ANI)

Mallikarjun Kharge Rahul Gandhi CJI Meeting: बेंगलुरु में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के बयान ने राजनीतिक हलकों में नई चर्चा छेड़ दी है। उन्होंने घोषणा की कि कांग्रेस का प्रतिनिधिमंडल भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) से मुलाकात कर अपनी चिंताएं सामने रखेगा। खरगे के मुताबिक, इस मुलाकात का मकसद किसी तरह की मांग रखना नहीं, बल्कि विनम्रता के साथ अपनी बात पहुंचाना है। उन्होंने केंद्र सरकार पर देश में भय और अव्यवस्था का माहौल बनाने का आरोप भी लगाया।

कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु में पत्रकारों से बातचीत के दौरान कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने बताया कि मुख्य न्यायाधीश से मिलने के लिए शाम चार से पांच बजे के बीच का समय निर्धारित किया गया है। उन्होंने कहा कि इस संबंध में उन्होंने स्वयं पत्र लिखा है और राहुल गांधी ने भी अपनी ओर से पत्र भेजा है।

खरगे ने स्पष्ट किया कि प्रतिनिधिमंडल न्यायपालिका के सामने कोई मांग रखने नहीं जा रहा। उनके अनुसार, कांग्रेस नेता हाथ जोड़कर अपनी चिंताएं व्यक्त करेंगे और मुख्य न्यायाधीश को पूरे मामले से अवगत कराएंगे। यह बयान ऐसे समय आया है, जब कांग्रेस केंद्र सरकार की कार्यशैली और देश में लोकतांत्रिक संस्थाओं की भूमिका को लेकर लगातार सवाल उठा रही है।

Undeclared Emergency India: देश में अघोषित आपातकाल जैसे हालात'

खरगे ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की भूमिका पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि देश में अव्यवस्था पैदा की जा रही है और इसे अघोषित आपातकाल जैसी स्थिति बताया।

कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि उनकी पार्टी इन्हीं परिस्थितियों के खिलाफ संघर्ष कर रही है। उनके बयान से स्पष्ट है कि कांग्रेस अपने राजनीतिक विरोध को संवैधानिक संस्थाओं के समक्ष अपनी चिंताएं रखने के प्रयास से भी जोड़ रही है।

32 हजार पुलिसकर्मियों की तैनाती पर उठाए सवाल

खरगे ने अपने बयान में करीब 32 हजार पुलिसकर्मियों की तैनाती का जिक्र करते हुए सवाल उठाया कि इतनी बड़ी संख्या में सुरक्षाकर्मियों की जरूरत क्यों पड़ी। उन्होंने इसे सरकार की चिंता और भय से जोड़कर पेश किया।

फिलहाल, उपलब्ध बयान में पुलिस तैनाती की सटीक तारीख, स्थान, आधिकारिक कारण और संबंधित प्रशासन का विस्तृत पक्ष स्पष्ट नहीं है। इसलिए इस आंकड़े के संदर्भ को समझने के लिए संबंधित अधिकारियों की जानकारी महत्वपूर्ण होगी।