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West Bengal Politic: ममता की विपक्षी एकता की अपील पर दिलीप घोष का बड़ा वार, बोले- ‘अब कौन मानेगा उनकी बात?’

Opposition Unity: ममता बनर्जी की विपक्षी एकता की मुहिम पर दिलीप घोष ने सवाल उठाते हुए कहा कि मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों ने टीएमसी नेतृत्व को सहयोगियों की जरूरत महसूस कराई है। वहीं कुणाल घोष पर टिप्पणी करते हुए उन्होंने उन पर सुर्खियों में बने रहने के लिए उकसावे की राजनीति करने का आरोप लगाया।
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Dilip Ghosh

ममता की विपक्षी एकता की अपील पर दिलीप घोष का बड़ा वार, बोले- ‘अब कौन मानेगा उनकी बात?’ (फोटो सोर्स: @ians_india)

Mamata Banerjee Opposition Unity: पश्चिम बंगाल की राजनीति में विपक्षी एकजुटता की कोशिशों के बीच सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। ममता बनर्जी की विपक्षी दलों को साथ आने की अपील पर राज्य मंत्री दिलीप घोष ने सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने ममता के पिछले राजनीतिक रुख और चुनावी फैसलों का हवाला देते हुए उनकी मौजूदा पहल की गंभीरता पर निशाना साधा। इसी दौरान टीएमसी विधायक कुणाल घोष को लेकर भी दिलीप घोष ने तीखी टिप्पणी की, जिससे राज्य की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप और बढ़ गया है।

West Bengal Politic: ममता की अपील पर बीजेपी का पलटवार

पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस और सरकार के बीच राजनीतिक बयानबाजी एक बार फिर तेज होती नजर आ रही है। ममता बनर्जी की विपक्षी एकता को लेकर अपील पर राज्य मंत्री दिलीप घोष ने तीखा पलटवार किया है। उन्होंने कहा कि जब ममता बनर्जी ने राज्य में चुनाव लड़ा था, तब उन्होंने कांग्रेस समेत अन्य दलों से सलाह नहीं ली थी। अब परिस्थितियां बदलने के बाद उनका विभिन्न दलों से संपर्क करना सवाल खड़े करता है।

टीएमसी के संगठन और विपक्षी ताकत पर सवाल

दिलीप घोष ने ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली पार्टी की मौजूदा राजनीतिक स्थिति का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि विपक्ष में 81 सीटों के साथ बैठना कोई छोटी राजनीतिक ताकत नहीं है। उनके मुताबिक, पिछले पांच वर्षों में विपक्ष के पास इससे कम संख्या थी, जबकि अब बड़ी संख्या में विधायक होने के बावजूद टीएमसी अपने राजनीतिक संगठन को एकजुट रखने में मुश्किल का सामना कर रही है। इसी आधार पर उन्होंने सवाल किया कि ऐसी स्थिति में दूसरे दल उनकी बात क्यों मानेंगे।

यह बयान ऐसे समय आया है जब राष्ट्रीय स्तर पर विपक्षी दलों के बीच समन्वय और साझा राजनीतिक रणनीति को लेकर चर्चाएं होती रही हैं। पश्चिम बंगाल में कांग्रेस और टीएमसी के बीच संबंध भी कई मौकों पर राजनीतिक मतभेदों से प्रभावित रहे हैं। ऐसे में ममता बनर्जी की अपील और उस पर बीजेपी नेता की प्रतिक्रिया राज्य से बाहर भी राजनीतिक महत्व रखती है।

कुणाल घोष पर भी निशाना

टीएमसी विधायक कुणाल घोष पर हुए हमले को लेकर पूछे गए सवाल पर भी दिलीप घोष ने कड़ा बयान दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि कुणाल घोष जानबूझकर ऐसे विवाद या उकसावे पैदा करते हैं, जिससे लोग प्रतिक्रिया दें और उन्हें लगातार खबरों में जगह मिलती रहे। घोष ने इसे उनकी राजनीति का मुख्य उद्देश्य बताया।

दिलीप घोष ने यह भी आरोप लगाया कि कुणाल घोष को जब इस तरह की परिस्थितियों का मौका मिलता है, तो वह बार-बार ऐसा व्यवहार दोहराते हैं। हालांकि, ये आरोप दिलीप घोष के राजनीतिक बयान हैं और संबंधित पक्ष का जवाब इस रिपोर्ट में उपलब्ध नहीं है।