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मध्य प्रदेश में राज्यसभा उपचुनाव की तारीख घोषित, एल. मुरुगन के इस्तीफे से खाली हुई थी सीट

मध्य प्रदेश की खाली राज्यसभा सीट पर 12 नवंबर को उपचुनाव होगा। केंद्रीय मंत्री डॉ. एल. मुरुगन के इस्तीफे के बाद चुनाव आयोग ने मतदान और मतगणना की तारीख घोषित की है।
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भारत

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Pratiksha Gupta

•

Oct 22, 2026

L Murugan

(फोटो एल मुरुगन एक्स)

मध्य प्रदेश की खाली हुई राज्यसभा सीट पर उपचुनाव की तारीख घोषित हो गई है। केंद्रीय मंत्री डॉ. एल. मुरुगन के इस्तीफे के बाद खाली हुई इस सीट पर 12 नवंबर को मतदान होगा। चुनाव आयोग के मुताबिक, इसी दिन वोटों की गिनती भी की जाएगी।

एल. मुरुगन के इस्तीफे से खाली हुई थी राज्यसभा सीट

केंद्रीय मंत्री डॉ. एल. मुरुगन के अपने संसदीय पद से इस्तीफा देने के बाद यह राज्यसभा सीट खाली हुई थी। नियमानुसार निर्धारित समय अवधि के भीतर इस रिक्त स्थान को भरना आवश्यक था, इसी वजह से निर्वाचन आयोग ने नए सिरे से उपचुनाव कराने का फैसला लिया है।

12 नवंबर को होगी वोटिंग और मतगणना

चुनाव आयोग द्वारा घोषित कार्यक्रम के अनुसार, इस सीट के लिए 12 नवंबर को मतदान कराया जाएगा। मतदान की प्रक्रिया पूरी होते ही उसी दिन वोटों की गिनती भी की जाएगी, जिससे साफ हो जाएगा कि इस राज्यसभा सीट पर कौन बाजी मारेगा।

मतदान के लिए खास पेन का इस्तेमाल जरूरी

निर्वाचन आयोग के निर्देशों के अनुसार, मतपत्र पर अपनी प्राथमिकता दर्ज करने के लिए मतदाताओं को रिटर्निंग ऑफिसर की ओर से दिया गया विशेष वायलेट कलर स्केच पेन ही इस्तेमाल करना होगा। इसके अलावा चुनाव प्रक्रिया को निष्पक्ष और पारदर्शी बनाए रखने के लिए पर्याप्त निगरानी की व्यवस्था करने और पर्यवेक्षकों की नियुक्ति के निर्देश भी दिए गए हैं।

मध्य प्रदेश विधानसभा में BJP सबसे बड़ी पार्टी

राज्यसभा उपचुनाव में मध्य प्रदेश विधानसभा के निर्वाचित विधायक वोट डालेंगे। ऐसे में विधानसभा में हर राजनीतिक दल के पास कितने विधायक हैं, यह अहम हो जाता है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, मध्य प्रदेश विधानसभा में बीजेपी के 164, कांग्रेस के 65 और भारत आदिवासी पार्टी (BAP) का 1 विधायक है।

पार्टी को मजबूत करने के लिए छोड़ा मंत्री पद

डॉ. एल. मुरुगन ने पीटीआई से बातचीत में बताया था कि उन्होंने प्रधानमंत्री से मंत्रिपरिषद और राज्यसभा की सदस्यता से मुक्त करने की अपील की थी। उनका कहना था कि वह तमिलनाडु जाकर अपनी पार्टी को मजबूत करना चाहते हैं। प्रधानमंत्री को लिखे पत्र में भी उन्होंने गांवों और गलियों तक पहुंचकर संगठन को मजबूत करने और 2029 के लोकसभा चुनाव की तैयारी के लिए आधार तैयार करने की बात कही थी।