
मुख्तार अब्बास नकवी। फोटो-IANS
Mukhtar Abbas Naqvi Latest News: भाजपा नेता मुख्तार अब्बास नकवीने चुनाव आयोग के खिलाफ विपक्ष के विरोध-प्रदर्शन, कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के बीच टिकट को लेकर चल रही सियासत और पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के शासनकाल में लगाए गए आपातकाल को लेकर प्रतिक्रिया दी है। नकवी ने विपक्ष के आंदोलन पर सवाल उठाए और आरोप लगाया कि प्रदर्शन के नाम पर हंगामा किया जा रहा है। उन्होंने समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव पर भी टिप्पणी की और आपातकाल के दौर को अपने अनुभवों के आधार पर याद किया।
मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा कि विपक्ष की कोशिश प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के परिश्रम के परिणामों को प्रभावित करने की है। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष प्रदर्शन के नाम पर कार्यक्रम आयोजित कर रहा है, जहां मंच से बयानबाजी और सड़कों पर हंगामा किया जा रहा है। नकवी ने कहा कि इस तरह की गतिविधियों से विपक्ष को ही नुकसान हो रहा है। उनके मुताबिक, जनता विपक्ष को पहले ही खारिज कर चुकी है।
भाजपा नेता ने कहा कि आंदोलन करना संवैधानिक अधिकार है, लेकिन अराजकता और अनुशासनहीनता को संवैधानिक हथियार नहीं माना जा सकता। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष अलग-अलग जगहों पर हंगामा कर रहा है। नकवी ने विपक्ष के इस रवैये को उसकी सामंती सनक करार दिया। उन्होंने कहा कि विरोध-प्रदर्शन के दौरान संवैधानिक मर्यादाओं का पालन किया जाना चाहिए।
मुख्तार अब्बास नकवी ने समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव पर टिप्पणी करते हुए कहा कि पहले सपा कांग्रेस को टिकट बांट रही थी और अब भाजपा के लिए भी टिकट तय करने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि भाजपा में किसे और कहां से चुनाव लड़ना है, इसका फैसला पार्टी खुद करेगी। नकवी ने सपा को इस तरह की राजनीति से बाहर निकलने की सलाह भी दी।
पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के शासनकाल में लगाए गए आपातकाल का जिक्र करते हुए नकवी ने कहा कि उसका इतिहास दागदार रहा है। उन्होंने दावा किया कि वह खुद उस दौर के गवाह हैं।नकवी ने बताया कि जब वह 17 वर्ष के थे, तब उन्हें गिरफ्तार कर नजरबंद किया गया था। उन्होंने कहा कि वह इंदिरा गांधी सरकार के खिलाफ थे और उस समय हजारों लोगों को जेल में बंद किया गया था। भाजपा नेता ने यह भी दावा किया कि जेल में कई लोगों की मृत्यु हुई थी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के शासनकाल में लगाए गए आपातकाल के इतिहास को देखकर तानाशाही के दौर को समझा जा सकता है।
Updated on:
09 Oct 2026 04:56 pm
Published on:
09 Oct 2026 04:42 pm
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