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निष्पक्ष चुनाव जरूरी, संविधान का उल्लंघन हो तो सुप्रीम कोर्ट करे हस्तक्षेप: ECI विवाद पर बोले मुरली मनोहर जोशी

Murli Manohar Joshi on ECI : भाजपा के वरिष्ठ नेता डॉ. मुरली मनोहर जोशी ने स्पष्ट कहा है कि एक सच्चे लोकतंत्र में चुनाव पूरी तरह निष्पक्ष होने चाहिए। उन्होंने जोर देकर कहा कि यदि संविधान के प्रावधानों का उल्लंघन होता है, तो सुप्रीम कोर्ट को उस पर संज्ञान लेना चाहिए।
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भारत

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kamlesh sharma

•

Oct 08, 2026

Murli Manohar Joshi

Murli Manohar Joshi (Photo-IANS)

Murli Manohar Joshi on ECI : नई दिल्ली। देश में निर्वाचन आयोग (ECI) को लेकर जारी सियासी घमासान के बीच भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता डॉ. मुरली मनोहर जोशी ने स्पष्ट कहा है कि एक सच्चे लोकतंत्र में चुनाव पूरी तरह निष्पक्ष होने चाहिए। उन्होंने जोर देकर कहा कि यदि संविधान के प्रावधानों का उल्लंघन होता है, तो सुप्रीम कोर्ट को उस पर संज्ञान लेना चाहिए। डॉ. जोशी गुरुवार को नई दिल्ली में आयोजित 21वें फिक्की उच्च शिक्षा शिखर सम्मेलन 2026 से इतर पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे।

जवाबदेह सरकार और पारदर्शी तंत्र ही लोकतंत्र का आधार

विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया के दौरान मतदाता सूचियों से वास्तविक मतदाताओं के नाम हटाए जाने के आरोपों को लेकर विपक्ष द्वारा मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग पर जब डॉ. जोशी से सवाल किया गया, तो उन्होंने कहा कि जनता की, जनता के लिए और जनता द्वारा चुनी गई सरकार इस धरती से कभी खत्म नहीं होगी, बशर्ते चुनाव पूरी तरह निष्पक्ष हों, सरकारें जनता के प्रति जवाबदेह हों और प्रशासनिक नौकरशाही पारदर्शी हो।

विपक्ष को लेकर उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में विपक्ष का जिम्मेदार और अनुक्रियाशील होना जरूरी है, जिसके पास एक स्पष्ट वैकल्पिक कार्यक्रम हो। यह पूरी प्रक्रिया संविधान के दायरे में ही संचालित होनी चाहिए। अगर संविधान का उल्लंघन होता है, तो सुप्रीम कोर्ट को इस पर विचार करना चाहिए। लोकतंत्र इसी सिद्धांत पर चलना चाहिए।

लाठी से हल नहीं निकलता, बच्चे हमारे अपने हैं

देशभर में छात्रों के प्रदर्शन और उन पर हुई पुलिस कार्रवाई पर चिंता व्यक्त करते हुए पूर्व शिक्षा मंत्री ने कहा कि सरकार को छात्रों की जायज मांगों और समस्याओं को गंभीरता से सुनना चाहिए। बल प्रयोग की कड़ी निंदा करते हुए उन्होंने कहा कि प्रदर्शन का विषय अलग हो सकता है, लेकिन छात्रों की जायज मांगों को हमेशा सुना जाना चाहिए और वह भी पूरी सहानुभूति के साथ। लाठियों का इस्तेमाल करने का यह तरीका बिल्कुल अनुचित है। इस रास्ते से कभी समाधान नहीं निकाला जा सकता। अगर कोई समस्या है, तो उसे सुनिए आखिर वे हमारे ही बच्चे हैं।

परिणाम आने में लगेगा समय, अभी आकलन जल्दबाजी

नई शिक्षा नीति और छात्रों पर इसके संभावित प्रभावों को लेकर पूछे गए सवाल पर डॉ. मुरली मनोहर जोशी ने कहा कि चूंकि नीति को लागू हुए अभी बहुत अधिक समय नहीं बीता है, इसलिए इसके व्यापक असर का मूल्यांकन करना फिलहाल जल्दबाजी होगी। उन्होंने कहा कि नई शिक्षा नीति को लागू हुए अभी ज्यादा वक्त नहीं हुआ है। यह अभी प्रक्रियाधीन है, इसलिए इस चरण में हम इसके बारे में क्या कह सकते हैं? यह तो बस एक शुरुआत है। इसके दूरगामी परिणाम और असर बाद में ही सामने आ पाएंगे।

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