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IMK Terror Network: असम से बंगाल तक NIA का सबसे बड़ा वार! 16 ठिकानों पर छापे, खुलेंगे IMK के छिपे राज?

West Bengal NIA: तीन राज्यों में एक साथ पहुंची NIA की टीम, जांच के दायरे में कथित IMK मॉड्यूल और उसके संपर्क। इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस, दस्तावेज और डिजिटल रिकॉर्ड से खुलेंगे नेटवर्क के नए राज?
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भारत

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Manoj Vashisth

•

Sep 29, 2026

NIA

राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने असम, पश्चिम बंगाल और केरल में 16 स्थानों पर एक साथ तलाशी अभियान (ANI)

Assam NIA Raid: पूर्वोत्तर भारत में कथित आतंकी नेटवर्क के खिलाफ जांच एजेंसियों ने एक बार फिर कार्रवाई तेज कर दी है। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने मंगलवार को असम, पश्चिम बंगाल और केरल में 16 ठिकानों पर तलाशी शुरू की। यह कार्रवाई ऐसे समय हुई है जब एजेंसी पहले ही इस मामले में 11 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर चुकी है। जांच का फोकस कथित तौर पर सीमा पार कनेक्शन, युवाओं के कट्टरपंथीकरण और डिजिटल माध्यमों से नेटवर्क विस्तार पर है।

NIA Raid: असम, पश्चिम बंगाल और केरल में 16 ठिकानों पर छापेमारी

राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने असम, पश्चिम बंगाल और केरल में 16 स्थानों पर एक साथ तलाशी अभियान शुरू किया है। एजेंसी की यह कार्रवाई इमाम महमूदर काफिला (IMK) से जुड़े कथित सीमा पार आतंकी षड्यंत्र और असम में कट्टरपंथ फैलाने के मामले की जांच का हिस्सा है। ANI के 29 सितंबर 2026 के X पोस्ट के अनुसार, तलाशी अभियान के तहत असम में 10, पश्चिम बंगाल में 5 और केरल में एक स्थान शामिल है।

चार्जशीट और कानूनी कार्रवाई

मामले में NIA ने करीब तीन महीने पहले 11 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी। आरोपियों पर भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 और गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम यानी UAPA, 1967 की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया। चार्जशीट गुवाहाटी स्थित NIA की विशेष अदालत में पेश की गई थी।

IMK और प्रतिबंधित JMB का कनेक्शन

जांच एजेंसी के मुताबिक, IMK को प्रतिबंधित जमात-उल-मुजाहिदीन बांग्लादेश (JMB) से जुड़ा संगठन बताया गया है। NIA का आरोप है कि नेटवर्क का उद्देश्य पश्चिम बंगाल और पूर्वोत्तर राज्यों, खासकर असम और त्रिपुरा में संगठन की विचारधारा और गतिविधियों का विस्तार करना था। एजेंसी ने युवाओं को कथित तौर पर कट्टरपंथी विचारों की ओर आकर्षित करने और नेटवर्क मजबूत करने की कोशिशों की भी बात कही है।

गुप्त बैठकें और डिजिटल प्रचार का तरीका

जांच में कथित तौर पर गुप्त बैठकें, धार्मिक विचारधारा से प्रभावित करने वाले कार्यक्रम, चरमपंथी साहित्य का प्रसार और डिजिटल प्लेटफॉर्म के इस्तेमाल जैसे पहलू सामने आए हैं। NIA का कहना है कि इन माध्यमों के जरिए संगठन के नेतृत्व के प्रति समर्थन बढ़ाने और कथित भारत विरोधी प्रचार को फैलाने की कोशिश की गई।

प्रमुख आरोपियों की भूमिका और साक्ष्य

मामले में नसीमुद्दीन को असम में IMK की गतिविधियों का प्रमुख संचालक और जगीर मियां को त्रिपुरा में संगठन का नेतृत्व करने वाला आरोपी बताया गया है। जांच के दौरान एजेंसी को दस्तावेजों के साथ इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और डिजिटल रिकॉर्ड भी मिले, जिन्हें मामले में अहम साक्ष्य के तौर पर देखा जा रहा है।

दिसंबर 2025 के नेटवर्क से जुड़े हैं तार

इस पूरे मामले की पृष्ठभूमि दिसंबर 2025 में सामने आए एक कथित नेटवर्क से जुड़ती है, जब असम पुलिस की STF ने असम और त्रिपुरा में कार्रवाई कर 11 संदिग्धों को गिरफ्तार किया था। बाद में NIA ने जांच अपने हाथ में लेकर नेटवर्क के कथित अंतरराज्यीय और सीमा पार संपर्कों की पड़ताल आगे बढ़ाई।

फिलहाल ताजा छापेमारी का उद्देश्य तलाशी के दौरान मिलने वाली सामग्री और डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर नेटवर्क की अन्य कड़ियों का पता लगाना है। NIA की जांच अभी जारी है, इसलिए बरामदगी या नए आरोपियों से संबंधित अंतिम तस्वीर आगे की कार्रवाई के बाद ही स्पष्ट होगी।

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