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राहुल गांधी पर BJP सांसद निशिकांत दुबे का तंज, बोले- 100 चुनाव हार चुके, अब नकली PM बनकर खुश हैं

भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने राहुल गांधी पर तंज कसते हुए कहा कि विपक्ष ने उन्हें एक दिन का नकली प्रधानमंत्री बना दिया है। उन्होंने राहुल गांधी के चुनावी प्रदर्शन और गांधी परिवार के दोबारा प्रधानमंत्री नहीं बनने को लेकर भी निशाना साधा। वहीं, युवाओं के आंदोलन और सत्ता परिवर्तन से जुड़े मुद्दों पर भी विपक्षी नेताओं पर सवाल उठाए।
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भारत

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kamlesh sharma

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Updated: 6 Nov 2026, 11:54 AM IST

Nishikant Dubey-Rahul Gandhi

Nishikant Dubey-Rahul Gandhi (Photo-IANS)

नई दिल्ली। भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए तंज कसा है। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी 100 चुनाव हार चुके हैं। उन्हें लगता है कि उनके पास जनता का समर्थन नहीं है और वे जीवन में कभी प्रधानमंत्री नहीं बन पाएंगे। ऐसे में विपक्ष ने उन्हें एक दिन के लिए 'नकली प्रधानमंत्री' बना दिया है।

निशिकांत दुबे ने कहा कि पूरे विपक्ष ने राहुल गांधी को एक तरह से मॉक पार्लियामेंट का प्रधानमंत्री बना दिया है। विपक्ष को भी पता है कि गांधी परिवार से अब कोई दोबारा प्रधानमंत्री नहीं बनने वाला है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि राहुल गांधी इस भूमिका से खुश हैं और उन्हें इसी में खुश रहने दीजिए।

युवाओं की आवाज दबाने और बांग्लादेश जैसे हालात के आरोपों पर भी बोले

युवाओं और आम नागरिकों की आवाज दबाने के आरोपों और बांग्लादेश और सत्ता परिवर्तन से जुड़ी टिप्पणियों पर भी निशिकांत दुबे ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि नेहा बोरा जिस राजनीतिक संगठन के छात्र संगठन का प्रतिनिधित्व करती हैं, उसके 1968 के प्रस्ताव में भारतीय संविधान को जलाने और लोकतांत्रिक शासन व्यवस्था को स्वीकार नहीं करने की बात कही गई थी। उन्होंने कहा कि यह संगठन बंदूक के दम पर सत्ता हासिल करना चाहता है।

भाजपा सांसद ने कहा कि प्रशांत भूषण, योगेंद्र यादव और वृंदा करात जैसे लोग लंबे समय से विभिन्न आंदोलनों में शामिल होते रहे हैं। चाहे भाजपा का आंदोलन हो, वामपंथी दलों का, CJP के आंदोलन, अन्ना हजारे का आंदोलन हो या कांग्रेस का, ये हर जगह नजर आते हैं।

निशिकांत दुबे ने कहा कि देश में कुछ लोगों ने अपनी भूमिका केवल आंदोलनों तक सीमित कर ली है। वे सांसद या विधायक नहीं बन पाने के कारण विरोध प्रदर्शनों के जरिए अपनी राजनीतिक पहचान बनाए रखना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे बयानों और गतिविधियों पर ज्यादा ध्यान देने की जरूरत नहीं है।