
Omicron variant of covid-19 cases cross 100 in India
नई दिल्ली। दक्षिण अफ्रीका में पाए गए कोरोना के ओमिक्रॉन वेरिएंट का खतरा दुनियाभर में बढ़ता ही जा रहा है। इसको लेकर दुनियाभर में खौफ का माहौल है। वहीं भारत में भी इस वेरिएंट के मामले 100 के पार हो गए हैं। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने इस संबंध में जानकारी साझा की है। स्वास्थ्य मंत्रालय ने आज एक प्रेस कान्फ्रेंस कर कोरोना वायरस के नए वैरिएंट ओमिक्रोन को लेकर अपडेट दिया है। मंत्रालय के संयुक्त सचिव लव अग्रवाल ने बताया कि कोरोना का नया ओमिक्रॉन वेरिएंट देश में तेजी से फैल रहा है। भारत में ओमिक्रॉन के अब तक 101 मामले सामने आ चुके हैं। इसके साथ ही मंत्रालय ने लोगों से इस वेरिएंट को लेकर सतर्क रहने की सलाह भी दी है।
मंत्रालय ने कहा कि नया वेरिएंट आने वाले दिनों में डेल्टा वेरिएंट को रिप्लेस कर सकता है। ऐसे में लोगों को कोरोना नियमों का सख्ती से पालन करना चाहिए, वहीं कोरोना वैक्सीन लगवाना बेहद जरूरी है।
स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि अब तक ओमिक्रॉन विश्वभर के 91 देशों में फैल चुका है। वहीं विश्व स्वास्थ्य संगठन भी ओमिक्रॉन वेरिएंट को लेकर शुरूआत से ही लोगों को सावधान रहने की चेतावनी दे रहा है। संगठन का कहना है कि ओमिक्रोन दक्षिण अफ्रीका में डेल्टा वैरिएंट की तुलना में तेजी से फैल रहा है। वहीं भारत में भी कम्युनिटी स्प्रेड वाली जगहों पर ओमिक्रोन के मामले डेल्टा वैरिएंट से ज्यादा आ सकते हैं।
भारत के 11 राज्यों में फैला ओमिक्रॉन
अगर भारत में कोरोना के ओमिक्रॉन वेरिएंट के मामलों की बात करें तो यह वेरिएंट अब तक 11 राज्यों में एंट्री कर चुका है। वहीं महाराष्ट्र इस वेरिएंट से सबसे अधिक प्रभावित है। महाराष्ट्र में अब तक ओमिक्रॉन के सबसे अधिक 32 मामले सामने आए हैं। वहीं दिल्ली में 22 केस, राजस्थान में 17, कर्नाटक में 8, तेलंगाना में 8, केरल में 5, गुजरात में 5, आंध्र प्रदेश में 1, तमिलनाड़ में 1, चंडीगढ़ में 1 और पश्चिम बंगाल में भी ओमिक्रॉन का 1 मामला सामने आया है।
गौरतलब है कि ओमिक्रॉन को लेकर दुनियाभर में डर का माहौल है। ब्रिटेन में यह वेरिएंट तेजी से फैल रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि इस महीने के अंत तक देश में ओमिक्रॉन के एक लाख मामले सामने आ सकते हैं। वहीं जनवरी में ब्रिटेन में ओमिक्रॉन की एक लहर का सकती है। विश्व स्वास्थ्य संगठन भी ओमिक्रॉन को लेकर चेतावनी दे रहा है। संगठन का कहना है कि इस वेरिएंट से अस्पताल भर सकते हैं और मौतों की संख्या में भी इजाफा हो सकता है।
Updated on:
17 Dec 2021, 7:01 PM IST
Published on:
17 Dec 2021, 6:41 PM IST
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