
Rahul Gandhi (IANS)
नई दिल्ली। विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के मुद्दे पर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर विपक्षी दलों का विरोध प्रदर्शन जारी है। मंगलवार को प्रदर्शन के बाद बुधवार को कांग्रेस अध्यक्ष और राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे ने विपक्षी सांसदों की बैठक बुलाई। राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा समेत कई विपक्षी नेता बैठक में शामिल हुए। बैठक के बाद विपक्षी सांसद एक साथ बस में सवार हुए। राहुल गांधी ने कहा कि विपक्षी सांसद जंतर-मंतर जाएंगे और वहां प्रदर्शन करेंगे। उन्होंने कहा कि वे बुधवार को चुनाव आयुक्तों से मिलना चाहते थे, लेकिन दिल्ली पुलिस ने उन्हें रोक दिया और कहा कि यहां प्रदर्शन नहीं किया जा सकता। इसके बाद उन्होंने जंतर-मंतर जाने का फैसला किया।
राहुल गांधी ने कहा कि ज्ञानेश कुमार इस देश के वैध मुख्य चुनाव आयुक्त नहीं हैं।राहुल ने कहा कि ज्ञानेश कुमार को इस्तीफा देना होगा। उन्होंने अपने खिलाफ दर्ज प्राथमिकी का जिक्र करते हुए कहा कि उनके खिलाफ अभी 45 प्राथमिकी हैं और वह चाहते हैं कि यह संख्या 100 हो जाए। राहुल ने कहा कि प्राथमिकी से वह डरने वाले नहीं हैं और उनका प्रदर्शन जारी रहेगा। विपक्षी सांसदों की बैठक के बाद कांग्रेस सांसद एक साथ बस में सवार होकर रवाना हुए। इस दौरान कांग्रेस सांसद शफी परंबिल ने कहा कि विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा।
कांग्रेस सांसद दीपेंद्र हुड्डा ने एफआईआर को लेकर कहा कि विपक्षी सांसद इससे डरने वाले नहीं हैं। उन्होंने कहा कि वे यहां केवल भोजन के लिए आए हैं और भोजन करेंगे, लेकिन लोकतंत्र और संविधान को बचाने की उनकी लड़ाई जारी रहेगी। दीपेंद्र हुड्डा ने कहा कि क्या हम एफआईआर से डरने वाले हैं? हमें जानकारी मिली है कि एक एफआईआर दर्ज की गई है, जिसमें मेरा नाम भी शामिल है। हम एफआईआर से डरकर पीछे हटने वाले नहीं हैं। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र और संविधान की रक्षा के लिए उनका संघर्ष आगे भी जारी रहेगा। हुड्डा ने यह भी कहा कि वे विपक्षी सांसदों की बैठक में भोजन के लिए आए हैं और भोजन करेंगे।
कांग्रेस सांसद कार्ति चिदंबरम ने कहा कि सभी सांसद लंच के लिए यहां आए हैं और कांग्रेस अध्यक्ष ने सभी को भोजन के लिए आमंत्रित किया है। कार्ति चिदंबरम ने कहा कि राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा ने चुनाव आयोग के कामकाज को लेकर मजबूती से अपनी बात रखी है। उन्होंने कहा कि दोनों नेताओं ने चुनाव आयोग के कामकाज से जुड़े मुद्दे को देश के सामने प्रमुखता से रखा और लोगों का ध्यान इस ओर आकर्षित किया। विपक्षी सांसदों की यह बैठक विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के मुद्दे पर आयोजित की गई है। बैठक में आगे की रणनीति और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार से मुलाकात की मांग को लेकर चर्चा होने की संभावना है।
सीपीआई सांसद पी. संदोष कुमार ने कहा कि पहले भोजन किया जाएगा और इसके बाद आगे के कार्यक्रम पर चर्चा कर उसे अंतिम रूप दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि विपक्ष एकजुट है और बीजू जनता दल भी विरोध प्रदर्शन में शामिल हो गया है। उन्होंने दावा किया कि आने वाले दिनों में कुछ और दल भी इस विरोध में शामिल हो सकते हैं। संदोष कुमार ने कहा कि विपक्षी सांसद राष्ट्रपति से भी मुलाकात करना चाहते हैं। एसआईआर के मुद्दे पर विपक्षी दल लगातार चुनाव प्रक्रिया और मतदाता सूची से जुड़े सवाल उठा रहे हैं। मंगलवार को विपक्षी सांसदों ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन किया था।
आरजेडी के सांसद सुधाकर सिंह ने कहा कि जब विपक्ष ने सीधी कार्रवाई का रास्ता अपनाया है तो कूटनीति की कोई गुंजाइश नहीं रह जाती। उन्होंने कहा कि चुनाव आयुक्त की ओर से वोटों की चोरी की गई और इससे देश के लोकतंत्र तथा संविधान को नुकसान पहुंचा है। अब सीधी कार्रवाई के अलावा कोई रास्ता नहीं बचा है। सांसद ने कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त का इस्तीफा उनकी न्यूनतम मांग है। उन्होंने कहा कि विपक्ष एसआईआर के मुद्दे पर अपनी मांगों को लेकर पीछे हटने वाला नहीं है। कांग्रेस सांसद गुरजीत सिंह औजला ने कहा कि हमारा आंदोलन जारी है। हमारा संघर्ष तब तक चलता रहेगा जब तक ज्ञानेश कुमार इस्तीफा नहीं दे देते।
Updated on:
07 Oct 2026 03:44 pm
Published on:
07 Oct 2026 01:50 pm
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