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वोट चोरी के मुद्दे पर विपक्ष एकजुट, लेकिन राज्यों में कैसे बनेगी बात? कांग्रेस के सामने बड़ी चुनौती

Opposition Unity on Vote Chori : वोट चोरी के आरोपों पर राहुल गांधी के नेतृत्व में विपक्ष की लड़ाई सड़क से सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच रही है। हालांकि, केरल, ओडिशा और पंजाब जैसे राज्यों में कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों के बीच राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता विपक्षी एकजुटता के सामने चुनौती बन सकती है।
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भारत

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kamlesh sharma

•

Oct 14, 2026

INDIA Bloc Leaders Meeting

INDIA Bloc Leaders Meeting (Photo-IANS)

Opposition Unity on Vote Chori : नई दिल्ली। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और वोट चोरी के आरोपों को लेकर विपक्ष की लड़ाई अब सड़क से सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच रही है। विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने भले ही इसके आंदोलन को शिवजी की बारात कहते हुए इंडिया गठबंधन की औपचारिक सीमाओं से बाहर के हर किसी दल को शामिल होने की बात कही है, लेकिन राज्यों में कांग्रेस के लिए यह आसान नहीं है। राष्ट्रीय स्तर पर साथ खड़े होने की यह तस्वीर राज्यों की सियासत में आते ही उलझ जाती है। केरल, ओडिशा और पंजाब में विपक्षी दलों के अपने-अपने हित और राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता हैं। ऐसे में बड़ा सवाल है कि जो दल अपने राज्यों में एक-दूसरे को चुनौती दे रहे हैं, वे वोट चोरी के मुद्दे पर कितनी दूर तक साथ चल पाएंगे?

विपक्ष की चुनौती अब केवल केंद्र सरकार और चुनाव आयोग के खिलाफ राजनीतिक मोर्चा खोलने की नहीं है। उसे यह भी साबित करना होगा कि अलग-अलग विचारधाराओं और चुनावी हितों वाले दल किसी साझा मुद्दे पर निरंतर अभियान चला सकते हैं। क्या दिल्ली का साझा विरोध राज्यों में भी साझा रणनीति बन पाएगा या यह एकजुटता केवल राष्ट्रीय मंचों और प्रदर्शनों तक सीमित रह जाएगी?

केरल: राष्ट्रीय साथी, राज्य में सियासी प्रतिद्वंद्वी

केरल में कांग्रेस और वामपंथी दलों के बीच सीधा मुकाबला विपक्षी एकता की सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक है। राष्ट्रीय स्तर पर दोनों पक्ष विपक्षी सियासत के व्यापक दायरे में आते हैं, लेकिन राज्य में कांग्रेस के नेतृत्व वाला यूडीएफ और माकपा के नेतृत्व वाला एलडीएफ एक-दूसरे के प्रतिद्वंद्वी हैं। दोनों की राजनीति का बड़ा आधार ही एक-दूसरे को चुनौती देना है। ऐसे में सवाल है कि क्या साझा मुद्दे पर बना तालमेल राज्य की सियासत से अलग रह पाएगा?

ओडिशा: बीजद का साथ, लेकिन कितनी दूर?

बीजू जनता दल ने 6 अक्टूबर को दिल्ली में विपक्षी सांसदों के मार्च में हिस्सा लिया था। पार्टी ने इसे लोकतांत्रिक संस्थाओं और चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता से जुड़ा मुद्दा बताया। लेकिन राज्य में कांग्रेस और बीजद के अपने राजनीतिक हित हैं। 8 अक्टूबर को कांग्रेस के ओडिशा बंद से बीजद ने दूरी बनाए रखी। इससे सवाल उठा कि दिल्ली में दिखी एकजुटता राज्य में साझा आंदोलन में बदल पाएगी या नहीं।

पंजाब: आप-कांग्रेस की सीधी लड़ाई

आम आदमी पार्टी (आप) वैसे तो इंडिया ब्लॉक से बाहर हो चुकी है, लेकिन चुनाव आयोग के मामले में अपना आंदोलन कर रही है। पंजाब में आप का सीधा मुकाबला कांग्रेस से हैं। ऐसे में दोनों दलों का वोट चोरी के मुद्दे पर साथ आना सियासी रूप से कठिन है।

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