
Ground Report : बिहार राज्य में पटना शहर का विकास तेजी से हो रहा है। यहां के लोकसभा चुनाव में पटना साहिब सीट हर बार चर्चा में रही है। पिछले चुनाव में पूर्व केन्द्रीय मंत्री रवि शंकर प्रसाद ने फिल्म अभिनेता शत्रुघ्न सिन्हा को शिकस्त दी थी। इससे पहले शत्रुघ्न सिन्हा ने भाजपा के टिकट पर शेखर सुमन को हराया था। इस बार के चुनाव में भाजपा ने फिर रविशंकर प्रसाद को टिकट दिया है। तो महागठबंधन इंडिया की ओर से कांग्रेस ने अंशुल विजित को उतारा है। रविशंकर जाने-माने वकील है तो अंशुल पूर्व लोकसभा अध्यक्ष मीरा कुमार के बेटे हैं। वैसे तो चुनाव में कुल सत्रह प्रत्याशी मैदान में है लेकिन मुख्य लड़ाई कांग्रेस और भाजपा के बीच ही दिखाई दे रही है। भाजपा सीट पर कब्जा बरकरार रखने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ रही है तो कांग्रेस इस सीट को भाजपा से छिनने के लिए पूरा जोर लगा रही है।
भाजपा प्रत्याशी रविशंकर प्रसाद के समर्थन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रोड शो कर चुके हैं। गृह मंत्री अमित शाह ने यहां चुनावी सभा करके माहौल को हवा दी। इसी तरह से कांग्रेस के स्टार प्रचारक भी प्रत्याशी के समर्थन में जनसभाएं कर जोर लगा रहे हैं। कंकड़बाग में महिलाओं से चुनाव माहौल के बारे में बात की तो जवाब मिला, ई बार भी फूलवा का ही माहौल ज्यादा है। काली मंदिर के बाहर ककड़ी बेच रहे बिरेन पांडेय बोले, सब लोग महंगाई से परेशान है। एमबीए के छात्र आर्यन से पूछा तो बोले, देखिए चारों तरफ पुल और ओवरब्रिज की भरमार है। काफी विकास हुआ है। आर्यन के साथ कुछ और छात्र भी आ जाते हैं, सभी स्थानीय कॉलेज से एमबीए कर कर रहे हैं। वे कहते हैं कि मोदी सरकार प्रबंधन का एक श्रेष्ठ उदाहरण है। प्लानिंग, ट्रांसफॉर्मेशन और एग्जीक्यूशन तीनों ही बेहतर है और टाइमप्लान के अनुसार है। देश को आगे बढ़ाने के लिए ऐसे ही नेताओं की आवश्यकता है।
पटना साहिब गुरुद्वारा के पास जहूर अहमद कहते हैं कि हमारा साथ कांग्रेस के हाथ के साथ है। अंशुल अविजित (कांग्रेस प्रत्याशी) जगजीवनराम के वंशज हैं और पूर्व लोकसभा अध्यक्ष मीरा कुमार के बेटे हैं। पटना साहिब में पचास हजार से अधिक राजस्थान के लोग रहते हैं। इधर के सारे व्यापार और सर्विस सेक्टर पर उनका बड़ा प्रभाव है। मारवाड़ी समाज के विमल कुमार जैन कहते हैं कि हमें विकास और शांति चाहिए। पिछले कुछ वर्षों में यहां का माहौल सुधरा है। आधारभूत ढांचा विकसित हुआ है। इससे व्यापार में आसानी हुई है। अवैध वसूली के मामलों में कमी आई है, आप समझ सकते हैं कि वोट किधर जाएगा। गुरुद्वारे के पास मिले गुरुशरण सिंह कहते हैं कि यहां का सिख समाज इस बार मोदी के साथ है। दानापुर से सीधे पटनासाहिब के लिए रास्ता बन गया है। गुरुद्वारे के आसपास ट्रैफिक की समस्या सुधरने की उम्मीद है।
पटना साहिब लोकसभा के शहरी क्षेत्रों में विकास दिखाई दे रहा है लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में अभी पिछड़ापन है। लोग रोजगार के अवसर बढ़ाने की मांग करते हैं। इस क्षेत्र में पर्यटन से जुडे व्यवसाय-रोजगार जैसे मुद्दे चुनाव में चर्चा में आ रहे हैं।
पटना साहिब लोकसभा क्षेत्र में मतदान को 50 प्रतिशत पार कराना किसी बड़ी चुनौती से कम नहीं है। पिछली बार भी यहां पर मतदान 45 प्रतिशत के ही पार हो सका था। दोनों मुख्य दलोंं के प्रत्याशी अपने भाषणों में मतदान अधिक से अधिक करने की अपील कर रहे हैं। चुनाव आयोग तो अपनेे स्तर पर मतदान बढ़ाने की कोशिशें कर ही रहा हैै।
पटना साहिब लोकसभा क्षेत्र में दीघा, बांकीपुर, कुम्हरार, पटना साहिब, बख्तियारपुर, फतुहा विधानसभा क्षेत्र शामिल है। विधानसभा की छह सीटों में से चार पर भाजपा ने जीत दर्ज की थी। दो पर आरजेडी के प्रत्याशी जीते थे।
Published on:
28 May 2024 09:24 am
