
Farmers Protest :किसान आंदोलन के बीच मोदी सरकार ने गन्ने की कीमतों में इजाफा किया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आर्थिक मामलों की कैबिनेट समिति ने बुधवार को बैठक की। इस बैठक में नए सत्र 2024-25 के लिए गन्ने की कीमत आठ फीसदी बढ़ाते हुए 340 रुपए क्विंटल कर दी गई। इससे उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, मध्यप्रदेश सहित देश के पांच करोड़ किसानों को सीधा लाभ होने जा रहा है। गन्ने का न्यूनतम मूल्य अभी 315.10 रुपए प्रति क्विंटल है।
गन्ने की यह कीमत 1 अक्टूबर 2024 से लागू की जाएगी। चीनी मिलें 10.25 प्रतिशत की रिकवरी पर गन्ने की एफआरपी 340 रुपये प्रति क्विंटल का भुगतान करेंगी। वसूली में प्रत्येक 0.1 प्रतिशत की वृद्धि के साथ किसानों को 3.32 रुपये की अतिरिक्त कीमत मिलेगी जबकि वसूली में मात्र 0.1 प्रतिशत की कमी पर समान राशि की कटौती की जाएगी। बैठक के बाद जारी आधिकारिक बयान में बताया गया कि भारत पहले से ही दुनिया में गन्ने के लिए सबसे अधिक कीमत चुका रहा है।
केंद्र सरकार के इस फैसले से 5 करोड़ से अधिक गन्ना किसानों और चीनी क्षेत्र से जुड़े लाखों अन्य व्यक्तियों को लाभ होने वाला है। यह किसानों की आय दोगुनी करने के लिए 'मोदी की गारंटी' की पूर्ति की फिर से पुष्टि करता है। हालांकि, गन्ने का न्यूनतम मूल्य 315.10 रुपए प्रति क्विंटल है जो 9.5 प्रतिशत की रिकवरी पर है। भले ही चीनी की रिकवरी कम हो, किसानों को 315.10 रुपये प्रति क्विंटल का एफआरपी सुनिश्चित किया जाता है।
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Updated on:
22 Feb 2024 06:58 am
Published on:
22 Feb 2024 06:54 am
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