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पीएम मोदी ने राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के स्थापना दिवस कार्यक्रम को किया संबोधित, विपक्ष पर भी साधा निशाना

पीएम नरेंद्र मोदी ने आज राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के 28वें स्थापना दिवस कार्यक्रम को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के ज़रिए संबोधित किया। इस कार्यक्रम में उन्होंने भारत में मानवाधिकारों के बारे में बोलने के साथ ही विपक्ष पर भी निशाना साधा।
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नई दिल्ली

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Tanay Mishra

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Updated: 12 Oct 2021, 2:05 PM IST

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PM Narendra Modi Addresses The 28th NHRC Foundation Day Programme

नई दिल्ली। भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज 12 अक्टूबर को राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (National Human Rights Commission / NHRC) के स्थापना दिवस के मौके पर आयोजित कार्यक्रम से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के ज़रिए जुड़े। NHRC के 28वें स्थापना दिवस के इस मौके पर पीएम मोदी ने आयोजित कार्यक्रम को संबोधित किया। पीएम मोदी ने इस मौके पर भारत में मानवाधिकारों के बारे में बात करने के साथ ही विपक्ष ओर भी निशाना साधा। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के ज़रिए वर्चुअली इस कार्यक्रम से जुड़े पीएम मोदी के ऑफिशियल ट्विटर अकाउंट पर इस संबोधन को लाइव स्ट्रीम किया गया।

भारत ने मानवाधिकारों के विषय में विश्व को दिया नया नज़रिया

राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के स्थापना दिवस कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा - "भारत ने पूरे विश्व को मानवाधिकारों के विषय में एक नया नज़रिया दिया है। भारत ने पूरे विश्व को मानवाधिकारों के इस्तेमाल और अहिंसा के पालन माँ रास्ता दिखाया। भारत का राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग हमेशा से ही मानवाधिकारों की पूर्ति के लिए प्रतिबद्ध रूप से कार्य करता रहा है। कई अवसरों पर दुनिया मानवाधिकारों के रास्ते से भटकी है, पर भारत हमेशा मज़बूती से मानवाधिकारों और उनकी रक्षा के लिए सजग रहा है। देश 'सबका साथ, सबका विश्वास, सबका प्रयास' के रास्ते पर चलते हुए कुछ लोगों के लिए नहीं, बल्कि सभी लोगों के लिए मानवाधिकारों की सुनिश्चितता करता है।"

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महिलाओं के मानवाधिकारों की रक्षा

पीएम मोदी ने आगे कहा - "बीते सालों में भारत ने अलग-अलग स्तर पर हो रहे अन्याय और मानवाधिकारों के हनन को भी दूर करने की कोशिश की है। दशकों से महिलाओं की ट्रिपल तलाक को खत्म करने की मांग को ध्यान में रखते हुए इसके खिलाफ कानून बनाकर मुस्लिम महिलाओं को न्याय का अधिकार दिया है।

पीएम मोदी ने आगे कहा - "आज रोज़गार के कई क्षेत्र महिलाओं के लिए खुल गए हैं। ऐसे में यह सुनिश्चित किया जाता है कि महिलाएं 24 घंटे सुरक्षित महसूस करते हुए काम कर सके। भारत में वर्किंग महिलाओं को 26 हफ्तों की पेड मैटरनिटी अवकाश दिया जाता है, जो कई बड़े देशों में भी नहीं होता है।"

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गरीब जनता को मदद उपलब्ध कराना

पीएम मोदी ने यह भी कहा पिछ्ले 7 सालों में करीब 60 करोड़ गरीब जनता का ध्यान रखते हुए उनको यह विश्वास दिलाया गया है कि उनके लिए मदद उपलब्ध है। 10 करोड़ महिलाओं को खुद के टॉयलेट की सुविधा मिली है। 4 करोड़ घरों को बिजली की सुविधा उपलब्ध कराई गई है।

विपक्ष पर निशाना

पीएम मोदी ने NHRC के 28वें स्थापना दिवस कार्यक्रम में विपक्ष पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा - "एक ही तरह की घटना में कुछ लोगों को मानवाधिकार का हनन होता हुआ दिखता है और उसी तरह की दूसरी घटना में उन्हीं लोगों को मानवाधिकार का हनन नहीं दिखता है। इस तरह की सोच रखना ही मानवाधिकार को नुकसान पहुंचाती है। मानवाधिकार का हनन तब होता है जब उसे राजनीति की दृष्टि से राजनीतिक फायदा-नुकसान तौल कर देखा जाता है। इस तरह की हरकतें और व्यवहार लोकतंत्र और मानवाधिकार के लिए बहुत नुकसानदायक है।"

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