पुलिस मुख्यालय की प्रतिक्रिया पर तंज कसते हुए प्रशांत किशोर ने कहा कि उन्होंने कानून-व्यवस्था के ADG का बयान देखा है, जिसमें वीडियो वायरल करने वालों पर कार्रवाई की बात कही जा रही है। प्रशांत किशोर ने सवाल उठाया कि अगर यह वीडियो प्रसारित ही नहीं होता, तो समाज को इस अत्याचार का पता कैसे चलता? उन्होंने आरोप लगाया कि शराब और बालू माफिया को दिए गए सरकारी संरक्षण के कारण ही राज्य में इस तरह के अपराध फल-फूल रहे हैं और जनता पर अत्याचार हो रहा है।