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‘वीडियो नहीं बनता तो किसी को पता नहीं चलता’, जमुई घटना पर प्रशांत किशोर ने सरकार पर उठाए सवाल

Jamui Incident: जमुई घटना को लेकर प्रशांत किशोर ने कहा कि अगर आरोपियों ने घटना का वीडियो बनाकर जारी नहीं किया होता तो किसी को इसकी जानकारी नहीं मिलती। उन्होंने सरकार के डर के खत्म होने और स्थानीय पुलिस की जानकारी पर सवाल उठाए।
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जमुई

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Pratiksha Gupta

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Updated: 22 Sep 2026, 1:50 PM IST

Bihar Crime News, Moral Policing Jamui

जमुई में युवती के साथ घटना पर प्रशांत किशोर का हमला (फाइल फोटो)

Jamui Girl Molestation Case:बिहार के जमुई में एक युवती के साथ हुई खौफनाक घटना ने पूरे राज्य को झकझोर कर रख दिया है। इस मामले पर 'जन सुराज' पार्टी के संयोजक प्रशांत किशोर ने सरकार और पुलिस पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने घटना को भयावह बताते हुए कहा कि समाज में सरकार का डर खत्म हो गया है। प्रशांत किशोर ने कहा कि यह घटना तीन-चार दिन पहले हुई, लेकिन इसके बावजूद सरकार, समाज और स्थानीय पुलिस को इसकी जानकारी नहीं थी।

सत्ता का संरक्षण और 'भगवा गमछा' का खौफ

घटना पर अपना गुस्सा जाहिर करते हुए प्रशांत किशोर ने कहा कि समाज में कुछ लोग गले में 'भगवा गमछा' डालकर खुद को कानून से ऊपर समझने लगे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि ऐसे तत्व खुद को समाज का नैतिक पुलिसकर्मी मान बैठे हैं और सरेआम अपराध को अंजाम दे रहे हैं। जिस तरह से एक युवा लड़की के साथ हैवानियत की गई और फिर बेखौफ होकर उसका वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर जारी किया गया, यह साफ दर्शाता है कि अपराधियों को अब सरकार या कानून का कोई भय नहीं रह गया है।

3-4 दिन तक सोती रही पुलिस और प्रशासन

प्रशांत किशोर ने पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठाते हुए कहा कि यह घटना तीन से चार दिन पहले घटी थी, लेकिन सरकार, स्थानीय पुलिस और समाज को इसकी भनक तक नहीं लगी। उन्होंने कहा कि अगर खुद अपराधियों ने ही अपना वीडियो बनाकर इंटरनेट पर जारी न किया होता, तो इस घिनौने अपराध का सच कभी देश और दुनिया के सामने आ ही नहीं पाता। प्रशासन इस मामले से पूरी तरह बेखबर बैठा रहा।

ADG के बयान पर उठाए सवाल

पुलिस मुख्यालय की प्रतिक्रिया पर तंज कसते हुए प्रशांत किशोर ने कहा कि उन्होंने कानून-व्यवस्था के ADG का बयान देखा है, जिसमें वीडियो वायरल करने वालों पर कार्रवाई की बात कही जा रही है। प्रशांत किशोर ने सवाल उठाया कि अगर यह वीडियो प्रसारित ही नहीं होता, तो समाज को इस अत्याचार का पता कैसे चलता? उन्होंने आरोप लगाया कि शराब और बालू माफिया को दिए गए सरकारी संरक्षण के कारण ही राज्य में इस तरह के अपराध फल-फूल रहे हैं और जनता पर अत्याचार हो रहा है।