
Rahul Gandhi Chalo Delhi March : INDIA गठबंधन के मार्च पर फडणवीस का तीखा बयान, हिमंत ने भी खोला मोर्चा (फोटो सोर्स: ANI)
Supreme Court March: देश की चुनावी राजनीति में अब टकराव का केंद्र सुप्रीम कोर्ट और निर्वाचन आयोग बनते नजर आ रहे हैं। मुख्य न्यायाधीश से मुलाकात की अनुमति नहीं मिलने के बाद INDIA गठबंधन के प्रस्तावित मार्च ने भाजपा और विपक्ष के बीच जुबानी जंग तेज कर दी है। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने विपक्ष की रणनीति पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि राजनीतिक असहमति के नाम पर संवैधानिक संस्थाओं की स्वतंत्रता प्रभावित करने की कोशिश हो रही है।
INDIA गठबंधन के सुप्रीम कोर्ट तक मार्च करने के फैसले पर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि यदि विपक्ष को किसी संवैधानिक या कानूनी प्रक्रिया से शिकायत है, तो उसे अदालत में उचित कानूनी रास्ता अपनाना चाहिए। फडणवीस के मुताबिक, मुख्य न्यायाधीश से किसी विरोध मार्च के प्रतिनिधियों को मुलाकात का समय देना संवैधानिक बाध्यता नहीं है।
फडणवीस ने आरोप लगाया कि विपक्ष न्यायपालिका के प्रति लोगों के भरोसे को कमजोर करने का प्रयास कर रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि मुख्य न्यायाधीश द्वारा अपने संवैधानिक दायित्वों के तहत मुलाकात से इनकार करने के बाद उन पर निशाना साधना उचित नहीं है। उनके अनुसार, ऐसे घटनाक्रम से न्यायिक संस्थाओं की प्रतिष्ठा प्रभावित हो सकती है।
असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने सोशल मीडिया X पर कांग्रेस और राहुल गांधी की आलोचना की। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस चुनावी नतीजों को लेकर अपनी सुविधा के अनुसार अलग-अलग रुख अपनाती है। सरमा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निर्वाचन पर सवाल उठाने और राहुल गांधी के स्वयं सांसद बनने तथा लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष का पद संभालने के बीच तुलना करते हुए विपक्ष पर दोहरे मानदंड अपनाने का आरोप लगाया।
सरमा ने असम और केरल के चुनावी संदर्भों का भी उल्लेख किया। उनका दावा था कि कांग्रेस उन परिणामों को स्वीकार करने में अलग रवैया दिखाती है, जिनसे उसे राजनीतिक लाभ मिलता है। उन्होंने INDIA गठबंधन के मार्च को लेकर कहा कि राजनीतिक असंतोष के कारण देश की सर्वोच्च अदालत पर दबाव नहीं बनाया जाना चाहिए।
हालांकि, ये भाजपा नेताओं के राजनीतिक आरोप हैं। इन दावों को लेकर कांग्रेस का पक्ष और संबंधित चुनावी विवादों के तथ्य अलग से देखना महत्वपूर्ण होगा।
सरमा ने घोषणा की कि असम में भाजपा अगले दिन से 31 अक्टूबर तक सभी जिला मुख्यालयों पर शांतिपूर्ण जनसभाएं करेगी। उन्होंने कांग्रेस पर संवैधानिक संस्थाओं पर दबाव बनाने और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) का विरोध करके कथित अवैध घुसपैठियों को संरक्षण देने का आरोप लगाया। साथ ही, उन्होंने इन कार्यक्रमों को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वर्ष 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य के समर्थन से भी जोड़ा।
मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण चुनावी प्रक्रिया का अहम हिस्सा है। इसके तहत मतदाताओं के विवरण की जांच और सूची में आवश्यक सुधार किए जाते हैं। इस प्रक्रिया को लेकर राजनीतिक दलों के बीच पारदर्शिता, पात्रता और संभावित गड़बड़ियों जैसे मुद्दों पर मतभेद सामने आते रहे हैं।
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने निर्वाचन आयोग के कामकाज के खिलाफ ‘चलो दिल्ली’ मार्च का आह्वान किया है। प्रस्तावित मार्च सोमवार दोपहर कनॉट प्लेस से सुप्रीम कोर्ट की ओर निकाला जाना था। विपक्ष मुख्य न्यायाधीश से मुलाकात की अनुमति नहीं मिलने के बावजूद अपने विरोध कार्यक्रम पर आगे बढ़ने की बात कह चुका था।
राहुल गांधी ने X पर इसे लोकतंत्र और न्याय के लिए मार्च बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर पहले हुए विरोध प्रदर्शन के दौरान दिल्ली पुलिस और भाजपा कार्यकर्ताओं ने छात्रों तथा महिलाओं के साथ हिंसा की। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि और संबंधित पक्षों का जवाब इस विवाद के तथ्यों को समझने के लिए अहम हैं।
Updated on:
12 Oct 2026 01:01 pm
Published on:
12 Oct 2026 12:42 pm
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