
Jairam Ramesh: कांग्रेस सांसद जयराम रमेश ने केंद्र सरकार से सवाल किया है कि बढ़ती कीमतों पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कब बात करेंगे (फोटो सोर्स: ANI)
Retail Inflation August 2026: त्योहारी मौसम से पहले महंगाई के आंकड़ों ने घरों के बजट की चिंता फिर बढ़ा दी है। अगस्त 2026 में देश की खुदरा महंगाई जुलाई के मुकाबले ऊपर गई, जबकि खाद्य महंगाई में भी तेजी दर्ज हुई। इसी बीच कांग्रेस सांसद जयराम रमेश ने केंद्र सरकार से सवाल किया है कि बढ़ती कीमतों पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कब बात करेंगे। खासतौर पर प्याज और कुछ अन्य सब्जियों के दाम में तेज उछाल ने महंगाई की चर्चा को और धार दे दी है।
देश में खुदरा महंगाई अगस्त में बढ़कर 4.82 प्रतिशत हो गई, जबकि जुलाई में यह 4.45 प्रतिशत थी। खाद्य महंगाई भी 5.52 प्रतिशत से बढ़कर 5.95 प्रतिशत पर पहुंच गई। ये आंकड़े सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय (MoSPI) की ओर से जारी किए गए हैं और अगस्त के आंकड़े फिलहाल प्रारंभिक है।
इसी बढ़ोतरी को लेकर कांग्रेस सांसद जयराम रमेश ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा। समाचार एजेंसी ANI के मुताबिक, रमेश ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से सवाल किया कि बढ़ती महंगाई जैसे मुद्दे पर सरकार कब गंभीरता से बात करेगी। उन्होंने दावा किया कि महंगाई का असर अब केवल रसोई के खर्च तक सीमित नहीं है और घरेलू बचत तथा परिवारों की देनदारियों पर भी दबाव बढ़ रहा है।
रमेश ने खास तौर पर सब्जियों के दाम का मुद्दा उठाया। सरकारी आंकड़ों के अनुसार अगस्त में प्याज की महंगाई दर 48.27 प्रतिशत रही, जो जुलाई के 22.54 प्रतिशत से काफी अधिक है। अदरक की कीमतों में सालाना आधार पर 73.82 प्रतिशत और लहसुन में 43.60 प्रतिशत की महंगाई दर्ज की गई। हालांकि तस्वीर हर सब्जी में एक जैसी नहीं रही। टमाटर के दाम में 31.09 प्रतिशत और आलू में 13.14 प्रतिशत की सालाना गिरावट दर्ज हुई।
खाद्य एवं पेय पदार्थों की संयुक्त श्रेणी में महंगाई 5.66 प्रतिशत रही। इसके अलावा परिवहन सेवाओं में 4.60 प्रतिशत, शिक्षा सेवाओं में 3.73 प्रतिशत और रेस्तरां एवं आवास सेवाओं में 8.38 प्रतिशत महंगाई दर्ज की गई। व्यक्तिगत देखभाल, सामाजिक सुरक्षा तथा विविध वस्तुओं एवं सेवाओं की श्रेणी में यह दर 15.17 प्रतिशत रही।
आंकड़ों के मुताबिक ग्रामीण क्षेत्रों में अगस्त की खुदरा महंगाई 5.23 प्रतिशत, जबकि शहरी क्षेत्रों में 4.31 प्रतिशत रही। कीमतों का यह आकलन देशभर के 1,407 शहरी बाजारों और 1,465 गांवों से जुटाई गई जानकारी पर आधारित है। MoSPI के अनुसार अगस्त में ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों से 100 प्रतिशत प्रतिक्रिया प्राप्त हुई।
अब निगाहें सितंबर के आंकड़ों पर हैं। MoSPI के अनुसार सितंबर 2026 की CPI रिपोर्ट 12 अक्टूबर को जारी होने वाली है। ऐसे में आने वाले आंकड़े बताएंगे कि अगस्त में दर्ज महंगाई की तेजी आगे भी कायम रहती है या कीमतों का दबाव कुछ कम होता है।
Updated on:
28 Sept 2026 12:09 pm
Published on:
28 Sept 2026 11:03 am
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