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कबड्डी खेलते हुए छात्रों ने पानी की टंकी में डाल दिया मानव मल, प्रधानाध्यापक ने छिपाई जानकारी तो मचा बवाल

school water tank human waste: तमिलनाडु के दिंडीगुल में मनूर स्कूल की पानी की टंकी में मानव मल मिलने से सनसनी फैल गई। पुलिस ने इस घटना को छात्रों की शरारत बताया है।
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भारत

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Mukul Kumar

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PS Vijay Raghavan

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Oct 09, 2026

crime news

प्रस्तुति के लिए इस्तेमाल की गई तस्वीर। (फोटो- AI)

human faeces in school tank: तमिलनाडु के दिंडीगुल जिले के मनूर स्थित पंचायत यूनियन प्राथमिक विद्यालय की पानी की टंकी में मानव मल मिलने के मामले से सनसनी फैल गई है।

यह कुछ वर्षों पहले पुदुकोट्टै जिले के वेंगैवायल गांव की दलित कॉलोनी की पानी की टंकी में अपशिष्ट मिलाने की घटना का स्मरण कराता है जिसके आरोपी अभी तक नहीं पकड़े गए है। जबकि पुलिस गहन परीक्षण और यहां तक कि लाई डिटेक्टर टेस्ट और डीएनए जांच भी करा चुकी है।

छात्रों की शरारत का परिणाम

सरकारी स्कूल मामले में पुलिस ने दावा किया है कि यह किसी साजिश का नहीं बल्कि कुछ छात्रों की शरारत का परिणाम था। पुलिस की प्रारंभिक जांच के अनुसार, त्रैमासिक परीक्षा की छुट्टियों के दौरान 3 अक्टूबर को 11 और 12 वर्ष आयु के कुछ छात्र स्कूल परिसर में कबड्डी खेल रहे थे। इसी दौरान एक छात्र ने परिसर में शौच कर दिया।

पुलिस ने क्या कहा?

पुलिस के मुताबिक, दूसरे छात्र ने नाराज होकर मल को हाथ से उठाकर पानी की टंकी के ढक्कन पर रख दिया और शिकायत करने की बात कही। चूंकि टंकी का ढक्कन आंशिक रूप से खुला था, इसलिए कुछ मल टंकी के अंदर गिर गया। दोनों छात्रों ने बाद में टंकी साफ करने की कोशिश की, लेकिन कुछ अंश अंदर रह गए।

वीडियो साक्ष्य का दावा

5 अक्टूबर को स्कूल खुलने के बाद मध्याह्न भोजन कर्मचारी ने टंकी की सफाई के दौरान मल देखा। पुलिस का कहना है कि उनके पास घटना से जुड़ा वीडियो साक्ष्य है। बताया गया कि एक युवक ने छात्रों की बातचीत सुनकर उनसे पूछताछ की थी, जिसके दौरान एक छात्र ने घटना स्वीकार कर ली और युवक ने बातचीत का वीडियो बना लिया।

प्रधानाध्यापक ने छिपाई जानकारी

घटना की जानकारी स्कूल प्रधानाध्यापक को 5 अक्टूबर को ही मिल गई थी, लेकिन उन्होंने न तो शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को सूचना दी और न ही ग्रामीणों को बताया। इसके बजाय टंकी की सफाई कराई गई। मामला 7 अक्टूबर को तब सामने आया जब गांव में इसकी जानकारी फैल गई और ग्रामीणों ने विरोध प्रदर्शन किया।

शिक्षा विभाग की जांच तेज

घटना के बाद पुलिस और शिक्षा विभाग ने अलग-अलग जांच शुरू कर दी है। शिक्षा विभाग ने प्रधानाध्यापक से तत्काल सूचना नहीं देने पर स्पष्टीकरण मांगा है। अधिकारियों ने ग्रामीणों को आश्वासन दिया है कि स्कूल में बुनियादी सुविधाएं बेहतर की जाएंगी और निगरानी के लिए सीसीटीवी कैमरे भी लगाए जाएंगे।

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