
सोनम वांगचुक (फोटो- ANI)
Sonam Wangchuk: लद्दाख प्रशासन ने सोनम वांगचुक की ओर से स्थापित हिमालयन इंस्टीट्यूट ऑफ अल्टरनेटिव्स (HIAL) के स्कूल 'डेजर्ट फ्लावर स्कूल' को नोटिस जारी किया है। प्रशासन ने निर्देश दिया है कि जम्मू-कश्मीर और लद्दाख हाई कोर्ट का अंतिम फैसला आने तक स्कूल में सभी गतिविधियां रोक दी जाएं। इस बीच, सोनम वांगचुक शाम 5.15 बजे प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगे।
लेह के तहसीलदार कार्यालय की ओर से 1 नवंबर को जारी नोटिस HIAL की सह-संस्थापक और CEO गीतांजलि जे. आंग्मो को संबोधित है। नोटिस में स्कूल की कक्षाएं और अन्य गतिविधियां शुरू करने के लिए जरूरी प्रशासनिक मंजूरी नहीं लेने का हवाला दिया गया है।
सोनम वांगचुक ने कहा कि उपराज्यपाल प्रशासन उनके स्कूल को बंद करना चाहता है। उन्होंने आरोप लगाया कि स्कूल को लेकर इंटरनेट और मीडिया में कई तरह की भ्रामक बातें फैलाई जा रही हैं।
वांगचुक के मुताबिक, संसद की शिक्षा संबंधी समिति ने हिमालयन इंस्टीट्यूट ऑफ अल्टरनेटिव्स (HIAL) के मॉडल को देशभर में लागू करने की सिफारिश की थी। लंदन के विक्टोरिया एंड अल्बर्ट म्यूजियम में भी संस्थान के काम को स्थायी रूप से प्रदर्शित किया गया है। वहीं, टाइम मैगजीन ने इसके कुछ प्रोजेक्ट्स को अपनी 'TIME 100 Climate Solutions' सूची में जगह दी थी।
उन्होंने सवाल उठाया कि जब संस्थान के काम को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिली है, तो फिर इसे बंद करने की कोशिश क्यों की जा रही है। वांगचुक ने बताया कि मौजूदा हालात को लेकर उन्हें आज शाम 5:15 बजे ऑनलाइन प्रेस कॉन्फ्रेंस करनी पड़ रही है। उन्होंने पत्रकारों से इसमें शामिल होने की अपील की है।
प्रशासन के मुताबिक, उसे जानकारी मिली थी कि लेह के फ्यांग स्थित डेजर्ट फ्लावर स्कूल में सक्षम अधिकारियों से जरूरी सहमति, मंजूरी लिए बिना कक्षाएं और दूसरी गतिविधियां शुरू कर दी गई थीं। नोटिस में 22 सितंबर को गीतांजलि जे. आंग्मो की ओर से भेजे गए पत्र का भी जिक्र है। इस पत्र के जरिए स्कूल की प्रबंध समिति के प्रस्तावित सदस्यों के लिए NOC मांगा गया था। यह स्कूल HIAL के तहत संचालित होता है।
लद्दाख प्रशासन ने नोटिस में कहा है कि HIAL से जुड़ा मामला फिलहाल जम्मू-कश्मीर और लद्दाख हाई कोर्ट में विचाराधीन है। इसी को देखते हुए संस्थान और गीतांजलि आंग्मो को सलाह दी गई है कि अदालत का अंतिम फैसला आने या आगे के निर्देश जारी होने तक स्कूल का संचालन शुरू करने की दिशा में कोई कदम न उठाया जाए।
प्रशासन ने स्कूल में यथास्थिति बनाए रखने का निर्देश दिया है। साथ ही चेतावनी दी है कि ऐसा कोई कदम न उठाया जाए, जिससे अदालत में लंबित मामले पर असर पड़ सकता है।
Updated on:
4 Nov 2026, 5:05 PM IST
Published on:
4 Nov 2026, 4:52 PM IST
Copyright © 2026 Patrika Group. All Rights Reserved.