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Starlink Row: एलन मस्क को राहुल गांधी के जवाब पर ज्योतिरादित्य सिंधिया का तंज, बोले- कांग्रेस खुद भ्रमित, नहीं पता लेफ्ट जाना है या राइट

स्टारलिंक इंडिया विवाद को लेकर राहुल गांधी और एलन मस्क के बीच एक्स पर हुई बातचीत के बाद केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कांग्रेस पार्टी पर निशाना साधा है। सिंधिया ने कहा कि सरकार की नीति स्पष्ट है और तीन सैटेलाइट कम्युनिकेशन कंपनियों को पहले ही लाइसेंस दिए जा चुके हैं।
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राहुल गांधी, ज्योतिरादित्य सिंधिया और एलन मस्क

Starlink India Row: केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने भारत में सैटेलाइट इंटरनेट सर्विस स्टारलिंक की एंट्री को लेकर SpaceX के चीफ एलन मस्क और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के बीच सोशल मीडिया पर हुई बातचीत पर प्रतिक्रिया दी है। नई दिल्ली में इंडिया मोबाइल कांग्रेस (IMC) के 10वें एडिशन में बोलते हुए सिंधिया ने कांग्रेस पार्टी के रुख पर सवाल उठाया और कहा कि पार्टी खुद ही कन्फ्यूज है कि उसे किस दिशा में जाना है। उन्होंने सैटेलाइट स्पेक्ट्रम आवंटन और सुरक्षा मानकों के बारे में केंद्र सरकार की पॉलिसी को भी साफ तौर पर बताया।

पहले विरोध किया, अब साथ खड़े हैं - सिंधिया

कांग्रेस पार्टी पर निशाना साधते हुए ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि जहां तक ​​कांग्रेस की बात है, उन्हें नहीं लगता कि उन्हें यह भी पता है कि वे बाईं ओर जा रहे हैं या दाईं ओर। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि जहां कांग्रेस ने पहले किसी खास व्यक्ति को लाइसेंस मिलने पर आपत्ति जताई थी, वहीं अब उन्हें इस बात से दिक्कत है कि उसी व्यक्ति को अभी तक लाइसेंस नहीं मिला है यानी वे असल में उसी व्यक्ति का पक्ष ले रहे हैं और देरी पर सवाल उठा रहे हैं। सिंधिया ने तंज कसते हुए कहा कि कांग्रेस में दिशा और पॉलिसी को लेकर स्पष्टता की कमी है और उनसे ऐसी ही उम्मीद की जाती है।

तीन कंपनियों के पास लाइसेंस, सुरक्षा शर्तें पूरी होने के बाद ही ऑपरेशन शुरू होंगे

सैटेलाइट इंटरनेट पर स्थिति साफ करते हुए ज्योतिरादित्य सिंधिया ने बताया कि सरकार की पॉलिसी बिल्कुल साफ हैं। उन्होंने कहा कि देश में किसी एक कंपनी की मोनोपॉली नहीं है, बल्कि तीन कंपनियों के पास पहले से ही जरूरी लाइसेंस हैं। जैसे ही सरकार रेवेन्यू पर आधारित चार्जिंग सिस्टम को फाइनल कर लेगी, कंपनियों को स्पेक्ट्रम आवंटित कर दिया जाएगा। इसके बाद, देश में अपनी सर्विस शुरू करने से पहले हर कंपनी को अनिवार्य सुरक्षा शर्तों को अलग-अलग पूरा करना होगा।

राहुल गांधी और एलन मस्क के बीच क्या बातचीत हुई?

यह पूरा विवाद तब शुरू हुआ जब एलन मस्क ने एक्स पर पोस्ट करके सवाल उठाया था कि स्टारलिंक 165 से अधिक देशों में लाइसेंस प्राप्त कर चुका है और भारत में भी सभी सरकारी नियमों का पालन किया गया है, फिर भी मंजूरी क्यों नहीं मिल रही। मस्क ने यह भी कहा था कि क्या मुकेश अंबानी भारत के असली बॉस" हैं।

इस पोस्ट पर राहुल गांधी ने जवाब देते हुए कहा, "वेलकम टू इंडिया, एलन। तब तक इंतजार कीजिए जब तक आप उस दूसरे व्यक्ति को नहीं जान लेते।" राहुल के इस बयान पर मस्क ने सहमति जताते हुए लिखा था, "थैंक यू राहुल, यह वाकई चिंताजनक है।"

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