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ईरान की नाकेबंदी तोड़ रहा था कार्गो जहाज, अमेरिका ने लड़ाकू विमान से किया हमला

US strikes cargo ship: ईरान की नौसैनिक नाकेबंदी तोड़ने की कोशिश कर रहे कार्गो जहाज पर अमेरिका ने हमला किया है। ओमान की खाड़ी में हुई कार्रवाई के बाद हॉर्मुज में जहाजों की आवाजाही और तेल सप्लाई पर चिंता बढ़ गई है।
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भारत

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Mukul Kumar

•

Oct 11, 2026

Strait Of Hormuz Crisis

हॉर्मुज में अमेरिका का फाइटर जेट। (फोटो- X/CENTCOM)

ओमान की खाड़ी में अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ता दिखाई दे रहा है। अमेरिकी सेना ने दावा किया है कि ईरान की नौसैनिक नाकेबंदी को पार करने की कोशिश कर रहे एक व्यावसायिक कार्गो जहाज को लड़ाकू विमान से निशाना बनाया गया है।

अमेरिकी सेना के मुताबिक, जहाज के चालक दल को कई बार चेतावनी दी गई, लेकिन उसे नजरअंदाज करने के बाद कार्रवाई की गई। हमले में जहाज का इंजन और आगे बढ़ने की क्षमता पूरी तरह बंद हो गई। हालांकि, चालक दल के किसी सदस्य को नुकसान नहीं पहुंचा।

लड़ाकू विमान ने जहाज के पिछले हिस्से पर किया हमला

अमेरिकी सेना की सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने शनिवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इस कार्रवाई की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पनामा के झंडे के साथ चल रहे कार्गो जहाज एमवी ओसियन मोलिका, जिसे 'एरिका सन' के नाम से भी जाना जाता है, उसने ईरान के एक बंदरगाह से निकलने के बाद क्षेत्रीय समुद्री रास्ते से गुजरने की कोशिश की थी।

अमेरिकी सेना ने बताया कि जहाज ने नाकेबंदी से जुड़े निर्देशों और चेतावनियों का पालन नहीं किया। इसके बाद अमेरिकी लड़ाकू विमान ने जहाज के पिछले हिस्से पर सटीक निशाना लगाकर हमला किया।

सेंटकॉम के मुताबिक, हमले में जहाज का प्रोपल्शन सिस्टम यानी उसे आगे बढ़ाने वाला सिस्टम पूरी तरह बंद हो गया। इससे जहाज की आवाजाही रुक गई। हालांकि, जहाज के संचालक की ओर से इस घटना पर तत्काल कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई।

हॉर्मुज स्ट्रेट में जहाजों की आवाजाही घटी

इस घटना का असर केवल एक कार्गो जहाज तक सीमित नहीं है। हॉर्मुज स्ट्रेट और ओमान की खाड़ी में बढ़ते तनाव के कारण अंतरराष्ट्रीय समुद्री व्यापार पर भी दबाव बढ़ रहा है।

अमेरिकी सेना के अनुसार, पिछले दो महीनों से अधिक समय में हॉर्मुज से गुजरने वाले जहाजों की संख्या सबसे निचले स्तर पर पहुंच गई है। इसकी एक बड़ी वजह समुद्री रास्तों पर बढ़ता खतरा और टैंकरों पर हो रहे हमले हैं।

रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले सप्ताह तेल टैंकरों पर हमलों की संख्या उस स्तर तक पहुंच गई, जो फरवरी में अमेरिका और इजराइल के ईरान के खिलाफ युद्ध शुरू होने के बाद सबसे अधिक थी।

दुनिया के तेल कारोबार के लिए क्यों अहम है यह रास्ता?

हॉर्मुज दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री रास्तों में से एक है। युद्ध शुरू होने से पहले दुनिया में इस्तेमाल होने वाले कुल तेल का करीब 20 प्रतिशत हिस्सा इसी रास्ते से गुजरता था।

यह जलमार्ग खाड़ी देशों से कच्चे तेल और पेट्रोलियम उत्पादों को दुनिया के अलग-अलग बाजारों तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाता है। यहां जहाजों की आवाजाही लंबे समय तक प्रभावित रहती है, तो कई देशों की ऊर्जा आपूर्ति और तेल की कीमतों पर असर पड़ सकता है।

अमेरिकी सेना ने जहाजों को दी चेतावनी

इस बीच, कार्गो जहाज पर कार्रवाई के बाद CENTCOM ने ओमान की खाड़ी और हॉर्मुज स्ट्रेट के आसपास मौजूद जहाजों को सतर्क रहने को कहा है।

अमेरिकी सेना ने समुद्री कंपनियों और जहाजों के कप्तानों से नाकेबंदी से जुड़े निर्देशों का पालन करने, आधिकारिक समुद्री सूचनाओं पर नजर रखने और जरूरत पड़ने पर अमेरिकी नौसैनिक बलों से संपर्क करने की अपील की है।